Jaipur Amer Fort News : जयपुर का आमेर किला, 500 साल से ज़्यादा पुराना, अब फूल और सब्जियों के रंगों से चमक रहा है! राजा मानसिंह ने शुरू किया, और यह कछवाहा राजपूतों की वास्तुकला का प्रमाण है।

जयपुर. राजधानी जयपुर में दिल्ली रोड पर स्थित आमेर किला (Sheesh Mahal Amer Fort)। जिसकी तस्वीर मात्रा देखने से ही देश का कोई भी नागरिक यह बता देगा कि यह आमेर फोर्ट है। इस किले को खास बनाता है इसकी डिजाइन, इस पर लगे पत्थर, कलर और जगह-जगह हुई शानदार नक्काशी। दोपहर के समय जहां यह किला गोल्डन कलर में चमकता नजर आता है तो वहीं रात में इस पर रंग-बिरंगी लाइटिंग होती है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

फूल और सब्जियों से किले को क्यों रंगा जा रहा?

लेकिन क्या आप जानते हैं कि करीब 500 साल से ज्यादा पुराना यह किला फूल और सब्जियों से बने रंगों से चमक रहा है। सुनने में यह आपको भले ही अजीब लग रहा हो लेकिन यह हकीकत है। लाल बलुआ पत्थर और संगमरमर से बने इस किले पर फूल और सब्जियों से बने कलर से रंग किया गया है। जो कछवाहा राजपूतों की वास्तुकला की प्रतिभा का प्रमाण है।

जानिए किस राजा ने बनाया था आमेर का किला

  • जयपुर के राजा मानसिंह ने इस किले का निर्माण शुरू करवाया था। जिसे बाद में जयपुर के राजा सवाई जयसिंह द्वितीय और राजा जयसिंह प्रथम ने पूरा किया। किले में जो कलर लगाया गया है वह खाद्य पदार्थ,फूलों,मसाले और पत्थरों से तैयार किया गया है। जिन्हें उस समय उबालकर उनका रस निकालकर रंग बनाया गया था।
  • इसके लिए पालक जैसी सब्जियों को भी काम में लिया गया था। साथ ही लाल पलाश के रंग, बैरी और पीपल की छाल से काला रंग, अनार के छिलकों को जलाकर और नीले रंग के लिए नील की खेती करके रंग तैयार किया गया। जिसके बाद इस किले को जगह-जगह से रंगा गया। हालांकि ज्यादातर कलर यहां नक्काशी में किया गया है।

चैत्र नवरात्रि पर किले पर आती भारी भीड़?

बता दें कि इसी किले पर शीला माता का मंदिर भी है। यहां वर्तमान में चैत्र नवरात्रि पर रोजाना हजारों की संख्या में जयपुर से ही आसपास के लोग दर्शन करने के लिए आते हैं। आमेर किला जयपुर के टॉप टूरिस्ट डेस्टिनेशन में से एक है।