World Cancer Day : राजस्थान के विष्णु शर्मा ने जड़ी-बूटियों से कैंसर की आयुर्वेदिक दवा बनाई है। राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित, अब बस पेटेंट का इंतज़ार। चौथे चरण के कैंसर मरीजों में भी दिख रहा है असर।

जयपुर. कैंसर, जिस बीमारी का नाम सुनने से ही लोगों को डर लगता है। सालाना न जाने कितने ही लोग इस बीमारी से मर जाते हैं। बेहद कम लोग होते हैं जो इस बीमारी से लड़कर जिंदगी की जंग जीत जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं राजस्थान के रहने वाले शख्स ने इस बीमारी से लड़ने के लिए आयुर्वेदिक दवा तैयार की है।

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कौन हैं कैंसर की दवा बनाने वाले विष्णु शर्मा

आज वर्ल्ड कैंसर डे पर हम बात कर रहे हैं राजस्थान के दौसा जिले के रहने वाले इनोवेटर विष्णु शर्मा की। जिन्होंने कैंसर के मरीजों को ठीक करने के लिए जड़ी-बूटियों से आयुर्वेदिक दवा तैयार की है। जिसका वैज्ञानिक पद्धति से सफल परीक्षण हो चुका है। अब केवल पेटेंट मिलने का इंतजार है। इस दवा को बनाने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी उन्हें सम्मानित कर चुके हैं। अब भारत सरकार की ओर से पेटेंट मिलने के बाद कैंसर की हर्बल दवा तैयार की जाएगी।

दसवीं तक की पढ़ाई करके बना डाली कैंसर की दवा

विष्णु शर्मा अपने बचपन में कच्चे घर में रहे। उन्होंने दौसा के छोटे से गांव लोटवाड़ा में अपनी पढ़ाई पूरी की। दसवीं तक की पढ़ाई पूरी हो गई। लेकिन पारिवारिक जिम्मेदारियां होने के चलते ज्यादा पढ़ाई नहीं कर सके और खेती करना शुरू कर दिया। परिवार ने शादी करवा दी लेकिन इसके बाद जैसे तैसे करके विष्णु ने बीए कर लिया।

पति पत्नी दोनों को है जड़ी-बूटियों का ज्ञान

विष्णु बताते हैं कि उन्हें भी पहले से जड़ी-बूटियों का ज्ञान था और पत्नी भी जड़ी-बूटियों के बारे में जानती थी। इसलिए दोनों ने कैंसर की दवा बनाने के लिए प्रयास शुरू किया। सबसे पहले इन लोगों ने एक मंजन बनाया जिससे कि लोगों के मुंह का कैंसर ठीक होने लगा। फिर इसके बाद धीरे-धीरे उन्होंने जड़ी बूटियों के अनुपात के अनुसार दवाई तैयारी की। वर्तमान में चौथी स्टेज के कैंसर पीड़ित भी इनके पास इलाज के लिए आ रहे हैं।

कई कैंसर मरीजों का कर चुके हैं इलाज

विष्णु बताते हैं कि जिन मरीजों को डॉक्टर भी जवाब दे देते हैं वह मरीज भी उनकी दवाओं का इस्तेमाल करके काफी हद तक रिकवर हो रहे हैं। विष्णु ने बताया कि उन्होंने सबसे पहले टोडाभीम क्षेत्र के रहने वाले हरचरण मीणा का इलाज किया था। उनका कैंसर पूरी तरह से ठीक हो गया था और उसके बाद उन्हें कभी कैंसर हुआ ही नहीं।

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