22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम आयोजित किया गया है। इस दौरान अयोध्या के चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती रहेगी। पुलिसकर्मी सुरक्षा के दौरान स्मार्टफोन का यूज भी नहीं कर पाएंगे। 

Ram Mandir Pran Pratishtha. उत्तर प्रदेश के डीजीपी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने राम मंदिर की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसमें कहा गया है कि सुरक्षा के दौरान स्मार्ट फोन का प्रयोग नहीं किया जा सकेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 जनवरी को राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहेंगे। इनके अलावा देश और दुनिया की जानी-मानी हस्तियों को आमंत्रित किया गया है। प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में 7 हजार से ज्यादा वीवीआईपी अयोध्या पहुंच रहे हैं, इसलिए सिक्योरिटी के भी विशेष इंतजाम किए गए हैं।

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16 जनवरी से प्राण प्रतिष्ठा की शुरूआत

अयोध्या में 22 जनवरी को होने वाले मुख्य कार्यक्रम की तैयारियां जोरों से चल रही हैं। इससे पहले 16 जनवरी से ही प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम शुरू कर दिया जाएगा। वाराणसी के पुजारी लक्ष्मीकांत दीक्षित प्राण प्रतिष्ठा की पूरी प्रक्रिया को संचालित करेंगे। अयोध्या में होने वाले इस कार्यक्रम को अमृत महोत्सव का नाम दिया गया है। इस दौरान 1008 हुंडी महायज्ञ का भी आयोजन किया गया है। राम नगरी में कई टेंट सिटी तैयार की गई है, जहां पर मेहमानों को रहने की व्यवस्था है। माना जा रहा है कि प्राण प्रतिष्ठा के इस वृहद कार्यक्रम में हजारों की संख्या में लोग जुटेंगे। श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट की मानें तो अतिथियों की संख्या 10 हजार से 15 हजार के बीच हो सकती है।

7000 वीवीआईपी को निमंत्रण पत्र

राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में सात हजार लोगों को आमंत्रित किया गया है। इसके लिए जो निमंत्रण पत्र छापा गया है उसके ऊपर निर्माणाधीन श्रीराम मंदिर की तस्वीर लगाई गई है और नीचे श्रीराम धाम प्रिंट किया गया है। इसमें अयोध्या भी लिखा गया है। हिंदी में अपूर्व अनादिक निमंत्रण लिखा गया है। इसके अलावा हिंदी में कार्यक्रम विशेष कॉलम में पूरे कार्यक्रम की जानकारी प्रिंट कराई गई है। 

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