इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मथुरा में बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर बनाने की मंजरी दे दी है। यूपी सरकार बांके बिहारी मंदिर के आस-पास 5 एकड़ में कॉरिडोर बनाएगी। यह कॉरिडोर भी वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर की तर्ज पर बनाया जाएगा।

प्रयागराज. उत्तर प्रदेश से बड़ी खबर सामने आई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मथुरा में बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर बनाने की मंजरी दे दी है। इतना ही नहीं कोर्ट ने यूपी सरकार को गलियों से अतिक्रमण हटाने का आदेश भी दिया है। अब जल्द ही योगी सरकार कॉरिडोर का निर्माण करेगी। हालांकि हाईकोर्ट ने मंदिर के बैंक खाते में जमा धन 262.50 करोड़ रुपए का प्रयोग करने की अनुमति नहीं दी है।

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सरकार को दिया ये सख्त आदेश

दरअसल, सोमवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस प्रितिंकर दिवाकर की डबल बेंच ने यह फैसला सुनाते हुए कहा कि यूपी सरकार प्रस्तावित योजना के साथ बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर का निर्माण कर सकती है। लेकिन सरकार यह भी तय करे कि दर्शनार्थियों को दर्शन में बाधा न आए। बता दें कि अनंत शर्मा, मधुमंगल दास की ओर से जनहित याचिका दाखिल की गई थी। इस मामले में हाईकोर्ट ने 8 नवंबर को सुनवाई पूरी करने के बाद फैसला सुरक्षित कर अपने पास रख लिया था। अब इस पर फैसला सुनाते हुए सरकार को कॉरिडोर निर्माण करने की परमिशन दे दी है।

काशी विश्वनाथ मंदिर की तर्ज पर बनेगा कॉरिडोर

बता दें कि यूपी सरकार बांके बिहारी मंदिर के आस-पास 5 एकड़ में कॉरिडोर बनाएगी। यह कॉरिडोर भी वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर की तर्ज पर बनाया जाएगा। इसमें चिकित्सा कक्ष , VIP कक्ष और तीर्थयात्रियों के लिए प्रतीक्षालय, प्रसाधन और पेयजल सुविधा, के अलावा अन्य कई चीजें बनाई जाएंगी। यह निर्माण सरकार को अपने खर्चे पर करना होगा। इसमें मंदिर के खाते में जमा राशि का इस्तेमान नहीं किया जाएगा। साथ ही पूजा की दुकानें बनाई जाएंगी। बनने के बाद मंदिर तक पहुंचने के 3 रास्ते होंगे।