प्रयागराज में उमेश पाल पर हमले के दौरान उनकी सुरक्षा में तैनात सिपाही संदीप निषाद की भी मौत हो गई। संदीप के परिजनों ने बताया कि बेटे ने होली पर घर आने का वादा किया था।

आजमगढ़: यूपी के प्रयागराज में राजू पाल की हत्या के गवाह उमेश पाल की मौत के बाद पुलिस छानबीन में लगी हुई है। इस बीच उमेश पाल की सुरक्षा में तैनात विसईपुर गांव के आरक्षी संदीप निषाद के माता-पिता ने अपना दुख बताया। उन्होंने कहा कि बेटा संदीप निषाद वादा करके गया था कि वह होली पर घर जरूर आएगा। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। हालांकि शुक्रवार को उमेश पास पर हुए हमले में संदीप ने भी दम तोड़ दिया। संदीप के परिजन देर रात प्रयागराज पहुंचे तो उन्हें बेटे का पार्थिक शरीर मिला।

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पत्नी के बीमार होने पर किया था होली पर घर आने का वादा

उमेश पाल की सुरक्षा में संदीप की तैनाती तकरीबन एक साल पहले से थी। दो साल पहले ही उनकी शादी हुई थी। परिजनों ने बताया कि तकरीबन एक माह पहले उनकी पत्नी रीमा की तबीयत काफी बिगड़ गई थी तो वह प्रयागराज ले जाई गईं। वापास से वापस आते समय संदीप ने पिता संतराम और माता समुंदरी देवी को भरोसा दिलाया था कि वह इस बार होली गांव में मनाएंगे।

घरवालों को फोन पर मिली थी संदीप के घायल होने की जानकारी

शुक्रवार की देर शाम जब घरवालों को फोन पर संदीप के घायल होने की जानकारी मिली तो सभी हैरान रह गए। घरवाले उन्हें घायल समझकर ही प्रयागराज के लिए रवाना हुए। हालांकि जब तक वह प्रयागराज पहुंचे तब तक संदीप की सांसे थम चुकी थीं। इस घटना के बाद बिसईपुर गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। इस बीच ग्रामीणों का कहना है कि आखिर किस तरह से वह इस बार होली का त्यौहार मनाएंगे जब पर्व से पहले ही उन्हें यह बड़ा दुख मिल गया। इस घटना के बाद संदीप निषाद के परिजनों का कहना है कि बेटे के हत्यारों को कड़ी से कड़ी सजा मिले जिससे उन्हें न्याय मिल सके। घटना के बाद लोगों ने प्रदेश सरकार से गुहार लगाई है कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।

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