CM Yogi Adityanath: गोरखपुर में सीएम योगी से पढ़ाई की गुहार लगाने वाली पंखुड़ी का एडमिशन सोमवार को होगा। सीएम योगी ने पंखुड़ी के साथ सेल्फी भी ली थी और अधिकारियों को मदद के निर्देश दिए थे।

Gorakhpur News: गोरखपुर में एक जुलाई को जनता दर्शन के दौरान सीएम योगी के साथ अपनी पढ़ाई और सेल्फी मांगने वाली पंखुड़ी के दोनों सपने पूरे होने जा रहे हैं। सीएम योगी ने मौके पर ही पंखुड़ी के साथ सेल्फी क्लिक की थी। अब पंखुड़ी का सोमवार को स्कूल में एडमिशन भी हो जाएगा।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

डीएम ने डीआईओएस को दिए निर्देश

जिलाधिकारी कृष्णा करुणेस ने पंखुड़ी के आवेदन को एक तारीख को ही जिम्मेदार अधिकारियों के पास भेज दिया था। डीआईओएस अमर कांत सिंह ने बताया कि सोमवार को पंखुड़ी का स्कूल में एडमिशन कराने का निर्णय लिया गया। पंखुड़ी एक जुलाई को गोरखनाथ मंदिर में जनता दरबार में गई थी। उसने सीएम योगी से फीस माफ कराने की बात कही थी। सीएम ने खुद अधिकारियों को फीस माफ कराने के निर्देश दिए थे। पंखुड़ी ने सीएम के साथ फोटो भी खिंचवाई थी।

सीएम योगी के साथ सेल्फी ली

सीएम ने कहा था कि खूब मन लगाकर पढ़ाई करो। इसके बाद डीएम की ओर से आवेदन संबंधित विभाग के अधिकारियों को भेजा गया। इस दौरान जांच रिपोर्ट और विषय को लेकर पूरी रिपोर्ट तैयार की गई। शिक्षा विभाग और स्कूल प्रबंधन से बात करने के बाद सोमवार को एडमिशन कराने का निर्णय लिया गया है। डीआईओएस अमर कांत सिंह ने बताया कि इस मामले में मिले निर्देशों के अनुसार प्रिंसिपल ने रविवार के बाद एडमिशन कराने का निर्णय लिया है।

सोमवार को पंखुड़ी को मिलेगा एडमिशन

पंखुड़ी का एडमिशन सरस्वती विद्या मंदिर पक्की बाग में सोमवार यानी 7 जुलाई को पूरा हो जाएगा। छात्रा के अभिभावक को भी इस संबंध में सूचित कर दिया गया है। बता दें कि गोरखपुर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सुबह गोरखनाथ मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सभागार में लोगों से मिलते हैं और उनकी समस्याएं सुनते हैं। पंखुड़ी अपने अभिभावकों के साथ जनता दरबार पहुंची और सीएम योगी से फीस माफ कराने की मांग की।

पंखुड़ी ने सीएम योगी से लगाई थी मदद की गुहार पंखुड़ी ने बताया था कि वह अंग्रेजी मीडियम स्कूल में पढ़ती है। पिता राजीव त्रिपाठी के दिव्यांग हो जाने से परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हो गया है। पंखुड़ी की मां मीनाक्षी एक दुकान पर काम करती हैं। इसके अलावा एक भाई भी है जो 12वीं में पढ़ता है। पंखुड़ी ने बताया कि वह स्कूल जाने के बजाय मुख्यमंत्री से मदद की गुहार लगाने आई है क्योंकि वह फीस भरने में असमर्थ है।