यूपी के कानपुर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। आप भी सुनकर अपने दांतो तले उंगली दबा लेंगे। एक 10 वर्षीय नाबालिग ने एक 3 साल की मासूम से रेप का प्रयास किया। रेप में असफल रहने पर उसने बच्ची को गड्ढे में फेंक दिया…

कानपुर। यूपी के कानपुर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। आप भी सुनकर अपने दांतो तले उंगली दबा लेंगे। एक 10 वर्षीय नाबालिग ने एक 3 साल की मासूम से रेप का प्रयास किया। रेप में असफल रहने पर उसने बच्ची को गड्ढे में फेंक दिया और खुद साइकिल से भाग गया। मासूम गड्ढे में 4 घंटे तक औंधे मुंह पड़ी रही। घंटो तलाश के बाद मिली तो उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। 6 दिन से जिंदगी की जंग लड़ रही बच्ची आखिरकार हार गई। परिवार में कोहराम मचा है।

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क्या है मामला?

यह मामला कानपुर के चेकरी इलाके का है। घटना के दिन एक 10 साल का बच्चा साइकिल से आया और इलाके में रहने वाली दलित मजदूर की 3 साल की बेटी को घुमाने के बहाने ले गया। दस वर्षीय नाबालिग बच्ची को कब्रिस्तान के बगल में स्थित खाली प्लॉट पर ले गया और बच्ची से अश्लील हरकत करने लगा। उसी समय प्लॉट के पास से एक महिला गुजर रही थी। उसने लड़के को टोका तो नाबालिग डर गया और बच्ची को प्लाट के पास गड्ढे में फेंक दिया और खुद साइकिल से भाग गया।

6 दिन तक मासूम की हालत में नहीं आया सुधार

यह घटना दोपहर करीब 2 बजे की है। बच्ची शाम 7 बजे तक गड्ढे में औंधे मुंह पड़ी रही। उसकी वजह से उसकी हालत खराब हो गई। उधर, परिजन बच्ची को तलाश रहे थे। आखिरकार नाबालिग लड़के की निशानदेही पर मासूम को बरामद किया गया था। बच्ची की तबियत सही नहीं देखकर परिजन से उसे लेकर अस्पताल गए। जहां से उसे हैलट अस्पताल रेफर किया गया। हैलट अस्पताल के बाल रोग विभाग में मासूम का इलाज चल रहा था। वारदात के दिन से ही मासूम को होश नहीं आया था। 6 दिन बीतने के बाद भी बच्ची की हालत में कोई सुधार देखने को नहीं मिला। उधर, उसके शरीर में झटके भी पड़ रहे थे। आखिरकार बच्ची ने दम तोड़ दिया।

नाबालिग के साथ भी एक युवक करता था गंदी हरकत

10 वर्षीय नाबालिग ने पूछताछ में बताया कि उसके ही इलाके का एक लड़का उसके साथ गंदी हरकत करता है। यही वजह है कि वह बच्ची को ले गया था। आरोपी नाबालिग के पिता फेरी लगाकर परिवार का भरण पोषण करते हैं, जबकि मॉं घरो में काम करती है। बच्चे को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश करने के बाद संप्रेक्षण गृह भेज दिया गया।