कानपुर अग्निकांड में मां-बेटी की मौत के बाद दोनों का अंतिम संस्कार बिठूर में होगा। इस बीच अंतिम संस्कार को लेकर प्रशासन की जल्दबाजी देख परिजनों में नाराजगी देखी गई।

कानपुर: रुरा के मड़ौली गांव में कब्जा हटवाते समय आग लगने के चलते मां-बेटी की जिंदा जलकर मौत हो गई। दोनों मां-बेटी के शव का अंतिम संस्कार बिठूर कानपुर में करवाया जाएगा। पहले घटनास्थल की जमीन पर ही दोनों के अंतिम संस्कार की तैयारी थी लेकिन बाद में अधिकारियों ने बातचीत कर परिजनों को मना लिया। अंतिम संस्कार के लिए शवों को रवाना भी कर दिया गया।

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शवों के रवाना होने के दौरान नाराज हुए परिजन

शवों को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने के दौरान पुलिस औऱ प्रशासन की जल्दबाजी नजर आई। इस बीच नाराज हुए परिजनों ने यहां तक कह दिया कि दो लोगों की मौत हुई है कोई भैंस थोड़ी मरी है। शव शव वाहन का चालक जब गलती से आगे बढ़ गया और पीड़ित शिवम के मामा पीछे रह गए तो शिवम चालक पर भड़क गया। नोकझोंक को पुलिस ने शांत करवाया और इसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए रवाना हुए। शव को एसपी और सीओ ने भी कंधा दिया। वहीं अंतिम संस्कार स्थल पर भी भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती है। 

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क्या था मामला

कानपुर जिले के रुरा के मड़ौली से सोमवार शाम दर्दनाक घटना सामने आई। यहां एसडीएम और पुलिस प्रशासन जमीन से कब्जा हटवाने गए थे। इसी बीच कब्जेदार कृष्णगोपाल दीक्षित और उनके परिवार ने मोहलत मांगी। इस पर बुलडोजर से उनकी झोपड़ी को हटाना शुरू कर दिया गया। इशके बाद झोपड़ी में आग लगी और मां-बेटी अंदर ही जिंदा जल गई। बताया गया कि जब बुलडोजर छप्पर हटाने गया तो गलती से वह गिर गया और अंदर रखे जनरेटर की टंकी भी फट गई। इसी के बाद आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। इस घटना के बाद परिजनों की नाराजगी सामने आई और डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के आश्वासन के बाद वह अंतिम संस्कार के लिए मंगलवार देर रात को तैयार हुए।

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