यूपी के जिले लखनऊ में सिटी बस की महिला कंडक्टर से बदसलूकी के बाद बुधवार को सिटी बस के ड्राइवर और कंडक्टर हड़ताल पर चले गए। इस वजह से शहर में सिटी बस सेवा ठप हो गई है।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सिटी बस की महिला कंडक्टर से बदसलूकी के मामले ने तूल पकड़ लिया। ऐसा इसलिए क्योंकि बुधवार को सिटी बस के ड्राइवर और कंडक्टर हड़ताल पर चले गए। इसकी वजह से शहर में सिटी बस सेवा ठप हो गई है। करीब 250 सिटी बसों में से सिर्फ 14 का ही संचालन हुआ। इस कारणवश यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सिटी बस की हड़ताल की वजह से किसी का स्कूल छूटा तो कोई समय से ऑफिस नहीं पहुंच पाया।

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100 मीटर यात्रा की वजह से नहीं बन पाया था टिकट

दरअसल मंगलवार को महिला कंडक्टर सिटी बस लेकर जा रही थीं तो रास्ते में चेकिंग के लिए विभाग के वरिष्ठ केंद्र प्रभारी अनिल तिवारी बस में चढ़े। इस दौरान महिला कंडक्टर का आरोप है कि चेकिंग के दौरान केंद्र प्रभारी ने बदसलूकी करने के साथ धक्का भी दिया है। महिला कंडक्टर का कहना है कि मंगलवार को दुबग्गा से मोहनलालगंज जा रही सिटी बस में डॉक्टर खेड़ा चौकी के पास टिकट चेकिंग शुरू हुई। इस दौरान 3 यात्री बिना टिकट पाए गए क्योंकि तीनों ने सिर्फ 100 मीटर पहले यात्रा शुरू की है। ऐसे में वह उनका टिकट नहीं बना पाईं। मगर चेकिंग कर रहे वरिष्ठ केंद्र प्रभारी अनिल तिवारी ने उनकी बात नहीं सुनी।

विवाद के दौरान महिला कंडक्टर की बिगड़ी तबियत

महिला कंडक्टर माधुरी ने आरोप लगाया कि अनिल तिवारी ने उन पर पैसा लेकर यात्रा करवाने का भी आरोप लगाया है। कंडक्टर ने यह भी बताया कि वह अपने पक्ष में यात्रियों और बाकी लोगों का वीडियो बनाने लगी। इसके बाद से विवाद बढ़ गया और वरिष्ठ केंद्र प्रभारी ने उन्हें धक्का दे दिया। इसके अलावा उनके लिए जाति सूचक शब्दों का भी प्रयोग किया। ऐसा भी बताया जा रहा है कि इस झगड़े के बाद महिला कंडक्टर की तबीयत बिगड़ गई। आनन-फानन में उन्हें पास के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सिटी बस के ड्राइवर और कंडक्टर उखड़ गए। उसके बाद उन्होंने मीटिंग की और बुधवार सुबह से हड़ताल पर चले गए।

ARM बोले- घटना की जांच है जारी

कंडक्टर और ड्राइवर चेकिंग में शामिल वरिष्ठ केंद्र प्रभारी अनिल तिवारी को हटाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि अनिल तिवारी संविदा पर कार्यरत हैं। उनको मानक के खिलाफ जाकर बस चेकिंग की जिम्मेदारी दी गई है। अनिल तिवारी को हटाने की मांग को लेकर रात में ही 70 बसों का संचालन ठप कर दिया गया था। वहीं दुबग्गा बस डिपो के ARM मनोज शर्मा का कहना है कि इस मामले में MD समेत तमाम अधिकारी-कर्मचारियों से बात कर रहे हैं। इस पूरी घटना की जांच जारी है। इसकी रिपोर्ट आने के बाद जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि फिलहाल कर्मचारियों से बस सेवा बहाल करने की अपील की है। उसके बाद जल्द ही सेवा शुरू हो जाएगी।

तीन लाख लोग करते है रोजाना सफर

आपको बता दें कि शहर में सिटी बस से रोजाना करीब तीन लाख लोग यात्रा करते हैं। सुबह के समय यह संख्या ज्यादा होती है। इतना ही नहीं सिर्फ सुबह के कुछ घंटों में एक लाख लोग सिटी बस का यूज करते हैं। बुधवार को 92% से ज्यादा बसों के संचालन नहीं होने से लोगों को ऑटो का सहारा लेना पड़ा। इसका फायदा उठाकर ऑटो वालों ने भी किराया बढ़ा दिया जबकि कैब बुकिंग के रेट भी 20 प्रतिशत तक बढ़ने की बात सामने आई है।

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