अयोध्या की मिल्कीपुर सीट पर उपचुनाव की तारीख का ऐलान हो गया है।

चुनाव आयोग ने दिल्ली के चुनावी कार्यक्रम के साथ ही अयोध्या की मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर भी चुनाव की तारीख का ऐलान कर दिया है। पीछले साल जून से खाली पड़ी इस सीट पर 5 फरवरी को वोटिंग होगी और 8 फरवरी को इसका परिणाम आ जाएगा। इस चुनाव में उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमाएंगे और जनता के मत से चुने जाएंगे। अयोध्या के वर्तमान सांसद अवधेश प्रसाद पहले इस सीट से विधायक थे। उनके संसद सदस्य चुने जाने के बाद ये विधानसभा सीट खाली हो गई थी। अवधेश प्रसास के संसद पहुंचने के बाद मिल्कीपुर विधानसभा सीट का राजनीतिक महत्व और बढ़ गया है। इस सीट के चुनावी नतीजे उत्तर प्रदेश की राजनीतिक स्थिति को प्रभावित कर सकते हैं।

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इस वजह से खाली हुई थी सीट

मिल्कीपुर सीट से अवधेष प्रसाद विधायक थे। 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद उन्हें फैजाबाद लोकसभा सीट से सांसद चुना गया। इसके बाद उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया, जिससे यह सीट खाली हो गई। हालांकि, 2022 के विधानसभा चुनाव के परिणामों को लेकर कानूनी अड़चनों के कारण यहां उपचुनाव टल गया था लेकिन अब अदालत में याचिकाएं वापस लेने के बाद यहां एक बार फिर चुनाव होगा।

होगी कांटे की टक्कर

मिल्कीपुर सीट पर समाजवादी पार्टी औऱ बीजेपी के बीच कड़ा मुकाबला होने की उम्मीद है। सपा नेता अवधेश प्रसाद के बेटे अजीत को कैंडिडेट बनाया गया है। वहीं, भाजपा ने छह मंत्रियों को चुनाव प्रचार के लिए मैदान में उतारा है। अब तारीख सामने आने के बाद जल्द ही प्रत्याशी का ऐलान हो जाएगा।

ये सीट बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच प्रतिष्ठा की लड़ाई का केंद्र भी बन गई है। अवधेश प्रसाद ने फैजाबाद सीट पर जीत हासिल कर बीजेपी को गहरा राजनीतिक घाव दिया था। अब यदि बीजेपी मिल्कीपुर जीत लेती है तो ये पार्टी के लिए राहत की बात होगी। हालांकि ये उप-चुनाव है लेकिन राजनीतिक दल इस सीट परपूरा जोर लगाते नजर आएंगे।

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