उरई में बुजुर्ग के अपहरण के बाद उसकी हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया था। पुलिस ने मामले में आरोपी की निशानदेही पर शव को भी बरामद कर लिया है। गला घोंटने के बाद चाकू से वार कर प्रेम बाबू को मौत के घाट उतारा गया था।

उरई: मुहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के डकोर के रहने वाले वृद्ध प्रेम बाबू की हत्या सुपारी देकर करवाई गई थी। वृद्ध को अपहरण के बाद 26 फरवरी को निर्ममता से मौत के घाट उतारा गया था। पुलिस ने मामले में मुठभेड़ में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जिसके बाद इस पूरी घटना का खुलासा हुआ है। वहीं आरोपियों की निशानदेही पर शव को भी बरामद किया गया है। मामले में आगे की पड़ताल की जा रही है। 

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बेल्ट से कसने के बाद नहीं हुई मौत तो रेता गला

मुठभेड़ में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि उन्होंने पहले बेल्ट से गला घोंटकर प्रेम बाबू को मौत के घाट उतारने का प्रयास किया लेकिन उसमें सफलता नहीं मिली। जिसके बाद सब्जी काटने वाले चाकू से उसका गला रेतकर हत्या की गई। हत्या के बाद शव को वहीं पर फेंक दिया गया। पुलिस ने बताया कि वृद्ध का अपहरण उसके साझीदार फूल सिंह और शत्रुघन ने किया था। घटना वाले दिन बुजुर्ग अपने उरई स्थित मकान पर आया हुआ था और यहां से अपहरण करने वाले दोनों ही लोग उसे स्कूटी से जालौन लेकर गए।

आरोपी की निशानदेही पर शव हुआ बरामद

जालौन ले जाने के बाद बुजुर्ग को कस्बा निवासी मोहित, जालौन के ही चुर्खीवाल निवासी आरिफ को सौंप दिया दया। इसके बाद दोनों बुजुर्ग को लेकर ऑटो से औरैया की ओर रवाना हो गए। पहले बुजुर्ग की हत्या उन दोनों लोगों ने बेल्ट से गला घोंटकर करने का प्रयास किया। हालांकि सफलता न मिलने पर गला रेतकर मौत के घाट उतारा गया। ज्ञात हो कि बुजुर्ग के अपहरण का मामला समरजीत के द्वारा दर्ज करवाया गया था। मामले में पुलिस ने सीसीटीवी आदि के जरिए पड़ताल की और उसके बाद मोहित को गिरफ्तार किया गया। कड़ाई से पूछताछ पर उसने वारदात को कबूल किया। उसी की निशानदेही पर यमुना किनारे बीहड़ से शव भी बरामद किया गया।

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