नव्य अयोध्या में संघ की ओर से 100 एकड़ जमीन की मांग की खबरों को खंडन आरएसएस के पदाधिकारियों ने किया है। इसी के साथ आवास विकास परिषद और अयोध्या विकास प्राधिकरण ने भी इन खबरों को निराधार बताया।

अयोध्या: आरएसएस की ओर से नव्य अयोध्या में 100 एकड़ जमीन मांगे जाने की सोशल मीडिया पर वायरल हो रही जानकारी का खंडन अयोध्या विकास प्राधिकरण और नव्य अयोध्या निर्माण इकाई उप्र आवास विकास परिषद ने कर दिया है। वहीं अयोध्या महानगर के संघ प्रचारक अनिलजी ने भी इस खबर को पूरी तरह से भ्रामक बताया। इस बार में संघ के पदाधिकारियों ने भी किसी भी जानकारी से इंकार किया।

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'संघ को बदनाम के करने के लिए की गई साजिश'

बताया गया कि अयोध्या में देवकाली मंदिर के पास संघ का मुख्यालय भवन पहले से ही मौजूद है। दो सालों के बीच में संघ भवन 'साकेत निलयम' का विस्तार किया गया है। यहां स्वंय सेवक कार्यक्रमों का नियमित आयोजन भी किया जाता है। दूसरी जगह मुख्यालय बनाने को लेकर किसी को कोई जानकारी नहीं है। वहीं संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी अनिलजी ने कहा कि संघ जमीन की नहीं स्वयंसेवकों को बढ़ाने की मांग को करता है। लिहाजा संघ की ओर से जमीन की मांग जैसी खबर सिर्फ बदनाम करने की साजिश सी लगती हैं।

नियमों के अनुसार होगा भूमि का आवंटन, संघ से नहीं आया कोई प्रस्ताव

वहीं इस मामले में यूपी आवास विकास परिषद के अधिशासी अभियंता ओपी पांडे ने भी मीडिया को जानकारी दी कि विभाग के पास आरएसएस का कोई भी ऐसा प्रस्ताव नहीं आया है जिसमें अयोध्या में 100 एकड़ जमीन की मांग की गई हो। अयोध्या विकास परिषद के उपाध्यक्ष विशाल ने भी इस तरह की किसी भी खबर का खंडन किया। उन्होंने कहा कि नव्य अयोध्या का विकास उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद के द्वारा किया जा रहा है। इसके पहले चरण में मठ-मंदिर और पब्लिक सुविधाओं के लिए जमीन का आवंटन होगा। पूर्व निर्धारित नियमों के अनुसार 5 एकड़ से अधिक की जमीन का आवंटन किसी को भी नहीं किया जाएगा। इसी के साथ आरएसएस की ओर से किसी भी प्रस्ताव से उनके द्वारा साफतौर पर इंकार किया गया।

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