सोनभद्र के कठपुरवा गांव में मां ने अपनी बेटी की अस्मिता बचाने के लिए घर में घुसे आरोपी से एक घंटे तक संघर्ष किया। घायल होने के बावजूद मां-बेटी ने दरिंदे को भागने पर मजबूर कर दिया। पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी की तलाश तेज कर दी है।

सोनभद्र के एक शांत से गांव में बीती रात वह हुआ, जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी. घर की चारदीवारी में सुरक्षित नींद ले रही एक मां और उसकी बेटी अचानक हैवानियत के साये से घिर गईं. लेकिन इस बार कहानी डर से नहीं, साहस से लिखी गई, एक ऐसी मां के साहस से, जिसने अपनी जान की परवाह किए बिना उस दरिंदे से लोहा लिया जो उसकी बेटी की इज्जत पर हमला करने आया था. गांव अभी भी इस साहसिक घटना से दहला हुआ है, लेकिन हर जुबान पर एक ही बात है, मां ने हिम्मत दिखाई, इसलिए अनहोनी टल गई.

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घिनौने इरादे से लड़की के कमरे में घुसा दिलबर हुसैन

सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के कठपुरवा गांव में रहने वाली एक महिला अपनी 15 वर्षीय बेटी और सात साल के बेटे के साथ घर में सो रही थी. महिला के पति मुंबई में नौकरी करते हैं और घर पर केवल मां-बच्चे ही मौजूद थे. आधी रात के सन्नाटे में झारखंड निवासी दिलबर हुसैन नाम का एक मजदूर दीवार फांदकर घर में घुस आया. वह गांव के पीछे बन रहे सोलर टावर प्रोजेक्ट में काम करता है और उसी रात उसने घिनौने इरादे से लड़की के कमरे में कदम रखा.

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आहट मिलते ही मां ने दी ललकार

जैसे ही मां को किसी अनजान व्यक्ति की आहट मिली, वह तुरंत सतर्क हो गई. उसने दरिंदे को ललकारा और उससे भिड़ गई. आरोपी पूरी तैयारी के साथ आया था, इसलिए उसने महिला पर हमला करने की कोशिश की. लेकिन मां ने हिम्मत नहीं हारी और अपनी बेटी की रक्षा के लिए पूरी ताकत से मुकाबला किया. इस बीच बेटी की भी नींद खुल गई और उसने भी अपनी मां का साथ दिया. दोनों ने करीब एक घंटे तक आरोपी से संघर्ष किया, जिसके दौरान दोनों घायल भी हो गईं, लेकिन पीछे हटने से इनकार कर दिया.

पड़ोसियों को सुनाई दी चीख, हमला विफल

मां-बेटी की चीख पुकार सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे. भीड़ जुटते देख आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया. ग्रामीणों का कहना है कि अगर मां-बेटी ने इतनी मजबूत हिम्मत नहीं दिखाई होती, तो बड़ी अनहोनी हो सकती थी. घटना के बाद पूरे गांव में गुस्सा और दहशत का माहौल है।

पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, आरोपी की तलाश जारी

सूचना मिलने पर पुलिस गांव पहुंची और पीड़ित परिवार से पूछताछ की. आरोपी दिलबर हुसैन के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. पुलिस उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है। सोनभद्र की यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि खतरे की घड़ी में हिम्मत ही सबसे बड़ा हथियार है. इस मां ने न सिर्फ बेटी की अस्मिता बचाई, बल्कि पूरे गांव के लिए साहस की मिसाल भी पेश की है।

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