लखनऊ के काकोरी में बाघ की दहशत से ग्रामीण दहशत में हैं। खेतों में पगमार्क और दहाड़ सुनकर लोग सहमे हुए हैं। वन विभाग ने कैमरे लगाए, लेकिन अभी तक बाघ का पता नहीं चला है।

"कभी दहाड़, कभी, लेकिन हर कदम डर के साथ..." लखनऊ के काकोरी इलाके के रहमान खेड़ा जंगल में बाघ की मौजूदगी ने ग्रामीणों की रातों की नींद और दिन का चैन छीन लिया है। सोमवार को खेतों में बाघ के ताजा पगचिह्न दिखाई दिए, जिससे पूरे इलाके में खौफ का माहौल है। ग्रामीणों का दावा है कि बाघ की दहाड़ें अक्सर सुनाई देती हैं, जिससे बच्चों का स्कूल जाना और खेतों में काम करना मुश्किल हो गया है।

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वन विभाग ने इलाके में 12 कैमरे और 2 पिंजड़े लगाए हैं। थर्मल ड्रोन कैमरों से जंगल की निगरानी की जा रही है, लेकिन अभी तक बाघ की तस्वीर या ठिकाने का पता नहीं चल सका है। गुरुदीन खेड़ा गांव के ग्रामीणों ने खेतों में बाघ के पैरों के निशान देखे, जबकि कसमंडी कला गांव में सुबह चार बजे आनंद साहू ने बाघ की दहाड़ें सुनीं।

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फर्रुखाबाद में चीते की दहशत: मस्जिद से अनाउंसमेंट तक पहुंचा डर

उधर, फर्रुखाबाद के ग्राम नसरतपुर और आसपास के इलाके में चीते की मौजूदगी की खबर ने हड़कंप मचा दिया है। ग्रामीणों ने खेतों में चीते के पगचिह्न देखे और इसकी सूचना वन विभाग और पुलिस को दी। यहां की मस्जिद से चीते की सूचना का ऐलान किया गया, जिससे बच्चों और ग्रामीणों को सतर्क रहने को कहा गया। ग्रामीण ने बताया कि ग्राम टाडा बहरामपुर की तरफ से चीते की आहट सुनी गई थी। हालांकि, किसी ने चीते को देखे जाने की पुष्टि नहीं की है। फिर भी इलाके में भय का माहौल है।

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