मेरठ में 50,000 रुपये के इनामी बदमाश नईम उर्फ जमील का पुलिस एनकाउंटर में अंत। नईम ने अपने सौतेले भाई के परिवार की हत्या की थी जिसमें पति-पत्नी और तीन बेटियां शामिल थीं।

“जिसने अपने ही परिवार को मौत के घाट उतार दिया, आखिरकार पुलिस ने उसे भी मौत की नींद सुला दिया!” मेरठ में उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक बड़े ऑपरेशन में 50,000 रुपये के इनामी बदमाश नईम उर्फ जमील को एनकाउंटर में मार गिराया। यह वही नईम था, जिसने अपने सौतेले भाई के पूरे परिवार को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया था। इस हत्याकांड में पति-पत्नी और उनकी तीन मासूम बेटियां शामिल थीं।

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कैसे हुआ था दिल दहला देने वाला हत्याकांड?

घटना 9 जनवरी की है, जब मेरठ के लिसाड़ी गेट इलाके में एक ही घर से पांच शव बरामद हुए थे। मृतकों की पहचान मोइन (पति), असमा (पत्नी), और उनकी तीन बेटियां अफ्सा (8), अजीजा (4) और अदीबा (1) के रूप में हुई। पुलिस को शवों की बरामदगी के दौरान तीन बच्चियों के शव बेड बॉक्स से, जबकि एक बच्ची का शव बोरी में मिला था।

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पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि नईम ने पूरी साजिश रचकर इस वारदात को अंजाम दिया और फिर फरार हो गया। हत्या के बाद वह महाराष्ट्र और दिल्ली समेत कई राज्यों में भेष बदलकर छिपता रहा।

एनकाउंटर कैसे हुआ?

मेरठ पुलिस ने नईम की तलाश में विशेष अभियान चलाया। काफी समय तक पीछा करने के बाद पुलिस ने उसे घेर लिया। जब पुलिस ने आत्मसमर्पण करने को कहा, तो नईम ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उसे एनकाउंटर में ढेर कर दिया।

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कौन था नईम? क्यों था इतना खतरनाक?

नईम का आपराधिक इतिहास काफी लंबा था। वह दिल्ली और महाराष्ट्र में हत्या, लूट और धोखाधड़ी के कई मामलों में वांछित था। पुलिस के अनुसार, वह पेशेवर अपराधी था, जो अपराध करके भाग जाता था।

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