Uttar Pradesh MSME Boost : उत्तर प्रदेश सरकार ने 2025 में नई MSME इंडस्ट्रियल एस्टेट मैनेजमेंट पॉलिसी लागू की है, जिससे औद्योगिक भूखंड आवंटन में पारदर्शिता, निवेशकों को सुविधा और MSME सेक्टर को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।

UP New Industrial Policy: क्या उत्तर प्रदेश अगले कुछ सालों में देश का औद्योगिक हब बन सकता है? योगी सरकार की नई “सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम औद्योगिक आस्थान प्रबंधन नीति” इसी दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। इस नीति के जरिये 2027 तक प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया है।

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उत्तर प्रदेश पहले से ही जनसंख्या में देश का सबसे बड़ा और अर्थव्यवस्था में दूसरा सबसे बड़ा राज्य है। लेकिन सरकार चाहती है कि औद्योगिक विकास का दायरा चारों दिशाओं में फैले और निवेशकों को ऐसी सुविधाएं मिलें जो अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरी उतरें।

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भूमि आवंटन में पारदर्शिता कैसे होगी?

नई नीति में औद्योगिक भूखंडों का आवंटन लीज या किराए पर नीलामी और ई-ऑक्शन से होगा।

  • लीज/रेंट अवधि तय करने का अधिकार आयुक्त और निदेशक, उद्योग के पास होगा।
  • नीलामी पोर्टल का चयन भी इन्हीं के दायरे में रहेगा।
  • कुल क्षेत्रफल का 20% हिस्सा व्यावसायिक, सेवा या आवासीय गतिविधियों के लिए इस्तेमाल हो सकेगा।

औद्योगिक भूखंडों की कीमतें क्या होंगी?

प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में रिजर्व प्राइस इस तरह तय हुई है:

  • मध्यांचल: ₹2,500 प्रति वर्गमीटर
  • पश्चिमांचल: ₹3,000 प्रति वर्गमीटर (20% अधिक)
  • पूर्वांचल और बुंदेलखंड: ₹2,000 प्रति वर्गमीटर (20% कम)

 हर साल 1 अप्रैल को इसमें 5% की वृद्धि होगी।

निवेशकों के लिए भुगतान में क्या फ्लेक्सिबिलिटी है?

ई-ऑक्शन में सफल बोलीदाता को 10% अर्नेस्ट मनी देनी होगी। बाकी रकम:

  • एकमुश्त
  • 1 वर्ष में
  • या 3 वर्ष में चुका सकते हैं। 

तुरंत भुगतान पर 2% की छूट भी मिलेगी, जबकि देरी पर ब्याज देना होगा।

आरक्षण और विशेष प्रावधान

इस नीति में 10% भूखंड/शेड एससी-एसटी उद्यमियों के लिए आरक्षित होंगे। यदि योग्य आवेदक न मिले, तो यह भूखंड अन्य वर्गों को आवंटित किए जाएंगे।

औद्योगिक क्षेत्रों में क्या सुविधाएं मिलेंगी?

सरकार ने औद्योगिक आस्थानों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की योजना बनाई है, जिनमें शामिल हैं:

  1. सामान्य सुविधा केंद्र
  2. विद्युत उपकेंद्र
  3. अग्निशमन केंद्र
  4. महिला हॉस्टल, डॉरमेट्री, क्रेच
  5. पर्यावरण हितैषी पार्क
  6. प्रशिक्षण संस्थान और स्वास्थ्य सेवाएं

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