रायबरेली की मुस्लिम युवती पलकनाज ने हिंदू युवक कुशाग्र बाजपेयी से शादी कर नए रिश्ते की मिसाल कायम की। वैदिक रीति-रिवाज से हुई शादी में मोहब्बत ने धर्म की दीवारें तोड़ीं, पूरी कहानी पढ़ें।

कहावत है कि प्यार में मजहब का फर्क नहीं होता, बस एहसास का होना जरूरी है। उत्तर प्रदेश के रायबरेली से एक ऐसा ही दिल छू लेने वाला मामला सामने आया है, जहां एक मुस्लिम युवती का हिंदू युवक से प्यार और शादी का रिश्ता चर्चा में है। इस जोड़े ने अपने दिल की सुनकर समाज की बाधाओं को तोड़ा और अब खुशहाली से जिंदगी बिता रहे हैं।

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तीन साल के प्रेम प्रसंग के बाद घर से भाग कर निभाया साथ

यह प्यार का सफर लालगंज कस्बे का है, जहां फलकनाज नाम की युवती जो घोसियाना की रहने वाली है, एक क्लिनिक में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती है। कुशाग्र बाजपेयी नाम के युवक साकेत नगर में मोबाइल शॉप पर नौकरी करते हैं। तीन साल तक दोनों का प्रेम प्रसंग चला, जिसके बाद दो दिन पहले दोनों अपने घरों से भाग गए।

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पुलिस और विश्व हिन्दू परिषद की मदद से मंदिर में संपन्न हुई वैदिक शादी

फलकनाज के परिजनों ने पुलिस को तहरीर दी और पुलिस ने दोनों को ढूंढ निकाला। लेकिन दोनों के मन में शादी करने की अडिग इच्छा थी। विश्व हिन्दू परिषद के पदाधिकारियों की मौजूदगी में मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से वरमाला और वेद मंत्रों के बीच विवाह सम्पन्न हुआ।

मुस्लिम से हिंदू बनी पलकनाज, नाम बदला पलक बाजपेयी

पुजारी दुर्गा शंकर त्रिपाठी ने बताया कि पलकनाज ने पहले हिंदू धर्म अपनाया और फिर कुशाग्र से शादी की। अब वह पलक बाजपेयी बन गई हैं। उन्होंने दोनों की शादी पूरे रीति-रिवाज के साथ संपन्न कराई और इस जोड़े की कहानी को एक नया मूल्य दिया।

पलक और कुशाग्र ने अपनी शादी के बाद खुशी जाहिर की और कहा कि वे जानते थे कि परिवार उनकी शादी को स्वीकार नहीं करेगा। इसके बावजूद उन्होंने एक साथ रहने और मरने का फैसला किया। शादी के बाद भी दोनों एक-दूसरे के साथ सहर्ष खुश हैं।

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