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नमो भारत ट्रेन: ख़ुराफ़ात करने से पहले 10 बार सोच लें, गड़बड़ी की खबर तुरंत UPSSF को मिल जाएगी, कैसे पढ़िए?
भारत की पहली रीजनल रैपिड ट्रांजट सिस्टम यानी 'नमो भारत' ट्रेन में सिक्योरिटी के कड़े इंतजाम किए गए हैं। इसकी जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल(UPSSF) को दी गई है। यह फोर्स मेरठ में एयरपोर्ट और मेट्रो की सिक्योरिटी देखेगी।

लखनऊ. भारत की पहली रीजनल रैपिड ट्रांजट सिस्टम यानी 'नमो भारत' ट्रेन में सिक्योरिटी के कड़े इंतजाम किए गए हैं। इसकी जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल(UPSSF) को दी गई है। यह फोर्स मेरठ में एयरपोर्ट और मेट्रो की सिक्योरिटी देखेगी। ट्रेन में कुछ भी गैर कानूनी गतिविधियां होने पर इसकी जानकारी अत्याधुनिक सुरक्षा प्रणाली के जरिये तुरंत UPSSF तक पहुंच जाएगी।
UPSSF का हेडक्वार्टर मेरठ में 44वीं वाहिनी PAS हेडक्वार्टर में बनाया गया है। नमो भारत की सिक्योरिटी के लिए 265 महिला और पुरुष जवान तैनात किए गए हैं। ट्रेन को 20 अक्टूबर को PM मोदी ने हरी झंडी दिखाई थी।
नमो भारत की सिक्योरिटी को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए साहिबाबाद, गाजियाबाद, गुलधर, दुहाई और दुहाई डिपो स्टेशन पर CCTV लगाए गए हैं। वहीं नमो भारत ट्रेन में भी 36 कैमरे इंस्टॉल किए गए हैं।
UPSSF के साथ ही यूपी पुलिस ने उनकी मदद के लिए क्विक रिएक्शन टीम, बम डिटेक्शन और डिस्पोजल स्क्वाड और डॉग स्क्वाड टीम को भी तैनात किया है।
यह भारत की पहली सेमी-हाई-स्पीड रीजनल रेल सर्विस है। यह तेज गति और लेटेस्ट टेक्निक के साथ क्षेत्रीय यात्रा को नए सिरे से बेहतर बनाने की पहल है।
आरआरटीएस की यह पहल नई रेल-आधारित, सेमी-हाई-स्पीड, हाई-फ्रीक्वेंसी कम्यूटर ट्रांजिट सिस्टम है। इसकी डिजाइन 180 किमी प्रति घंटे और परिचालन गति क्षमता 160 किमी प्रति घंटे तय की गई है।
नमो भारत साहिबाबाद और दुहाई डिपो के बीच प्राथमिकता वाले पहले खंड में चलाई जा रही है। इस ट्रैक पर फिलहाल साहिबाबाद, गाजियाबाद, गुलधर, दुहाई और दुहाई डिपो जैसे 5 स्टेशन हैं।
अब दुहाई से लेकर मेरठ वेस्ट तक 25 किमी लंबे कॉरिडोर को तैयार किए जाने का काम भी तेजी से जारी है।
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