हरियाणा के पंचकूला में देहरादून नंबर की कार में मिले सात शवों ने सबको चौंका दिया। उत्तराखंड का यह पूरा परिवार कर्ज के जाल में ऐसा उलझा कि ज़हर खाकर सामूहिक आत्महत्या कर ली। पर क्या ये सिर्फ आत्महत्या थी या इसके पीछे छिपा है कोई बड़ा राज?

Uttarakhand Debt Suicide: पंचकूला (हरियाणा) में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। उत्तराखंड के रहने वाले एक ही परिवार के 7 लोगों ने कथित तौर पर ज़हर खाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को कार में सभी के शव मिले, जो देहरादून नंबर की बताई जा रही है।

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कर्ज के बोझ ने ली 7 जिंदगियां

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृतक परिवार कर्ज के भारी बोझ तले दबा हुआ था। परिवार के मुखिया प्रवीन मित्तल ने कुछ समय पहले टूर एंड ट्रैवल का बिज़नेस शुरू किया था, जिसमें उन्हें बड़ा घाटा हुआ। आर्थिक तंगी इतनी गंभीर थी कि परिवार का गुजारा भी मुश्किल हो गया था। जिससे पूरा परिवार खासा परेशान था। वह लोग जीना चाहते थे लेकिन कर्ज का बोझ उन्हें जीने नहीं दे रहा थाद्ध इसी वजह से यह खौफनाक कदम उठाया।

कौन थे मृतक? जिनके लिए कार बनी परिवार की कब्र 

मृतकों में प्रवीन मित्तल, उनकी पत्नी, तीन बच्चे, पिता देशराज मित्तल और एक अन्य महिला शामिल हैं। यह साफ है कि यह आत्महत्या का सुनियोजित मामला था, लेकिन इस घटना के पीछे की गहराई और मानसिक पीड़ा अब भी कई सवाल छोड़ रही है। पूरे परिवार ने एक साथ यह खौफनाक कदम उठाया। घटना ने पूरे पंचकूला को झकझोर कर रख दिया है।

पुलिस जांच में जुटी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार 

डीसीपी हिमाद्रि कौशिक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। प्राथमिक जांच में ज़हर खाने की पुष्टि हुई है, लेकिन पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और कॉल डिटेल के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है।

सामाजिक और मानसिक दबावों की पड़ताल जरूरी 

यह घटना एक बार फिर सवाल उठाती है कि किस तरह का सामाजिक और मानसिक दबाव लोगों को आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर करता है। आर्थिक संकट की चपेट में आने वाले परिवारों को काउंसलिंग और सरकारी मदद की सख्त ज़रूरत है।