राहुल गांधी ने उत्तराखंड में निवेश को लेकर धामी सरकार पर सवाल उठाए थे। अब राज्य के उद्योग सचिव विनय शंकर पांडे ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि 1.01 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के प्रोजेक्ट्स लागू होने की स्टेज में पहुंच चुके हैं।

देहरादून। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने उत्तराखंड की धामी सरकार के निवेश दावों पर तीखा हमला बोला था। इसके जवाब में रविवार को उत्तराखंड के उद्योग सचिव विनय शंकर पांडे ने विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने साफ किया कि राज्य में 1.01 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश प्रोजेक्ट्स अब जमीन पर उतरने (इम्प्लीमेंटेशन) की स्टेज में पहुंच चुके हैं। पांडे ने बताया कि राज्य की निवेश नीति में रोजगार को सबसे ऊपर रखा गया है। साथ ही पर्यावरण और अर्थव्यवस्था के बीच भी पूरा तालमेल बिठाया गया है। उन्होंने कहा,

उत्तराखंड एक पहाड़ी राज्य है और इसका करीब 70% हिस्सा जंगलों से घिरा है। मुख्यमंत्री का साफ विजन है कि पर्यावरण और इकॉनमी दोनों साथ-साथ चलें। उनका जोर इस बात पर है कि राज्य में जो भी निवेश आए, उससे ज्यादा से ज्यादा नौकरियां पैदा हों। इन्हीं बातों को ध्यान में रखकर हमारी नीतियां बनीं और दिसंबर 2023 में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन हुआ। इसमें करीब 3.56 लाख करोड़ रुपये के एमओयू (MoU) साइन हुए और फिर ग्राउंडब्रेकिंग सेरेमनी भी हुईं। निवेशकों की मदद के लिए हमने 'निवेश मित्र' बनाए। ये लोग लगातार निवेशकों के संपर्क में रहे और सरकारी सिस्टम में आने वाली उनकी हर दिक्कत को दूर किया। इसी का नतीजा है कि तीन ग्राउंडब्रेकिंग सेरेमनी के बाद 1.01 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के प्रोजेक्ट्स अब लागू होने की स्थिति में आ गए हैं।

पांडे ने यह भी बताया कि इन प्रोजेक्ट्स की पूरी जानकारी उत्तराखंड उद्योग विभाग के 'UKSPICE' और 'सिंगल विंडो' पोर्टल पर पब्लिक के लिए मौजूद है। उन्होंने कहा,

यह सारा डेटा पूरी पारदर्शिता के साथ पोर्टल पर उपलब्ध है। इसमें हर प्रोजेक्ट की डिटेल, संबंधित विभाग और उसकी सटीक लोकेशन (अक्षांश और देशांतर के साथ) बिल्कुल साफ-साफ दी गई है।

अधिकारी ने बताया कि ये आरोप पहले भी सोशल मीडिया पर उठे थे और सरकार उनका जवाब दे चुकी है। उन्होंने कहा,

करीब आठ महीने पहले भी कुछ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यह मामला उठा था, तब भी हमने सही जवाब दिया था। विधानसभा में भी सरकार कई बार स्थिति साफ कर चुकी है। इसलिए यह काफी हैरानी की बात है कि यह मुद्दा फिर से उठाया जा रहा है। मैं एक बार फिर साफ कर दूं कि यह पूरी प्रक्रिया बेहद पारदर्शी है और आज भी हमारी वेबसाइट पर सारा डेटा मौजूद है।

बता दें कि इससे पहले राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर हिंदी में एक पोस्ट किया था। उन्होंने लिखा था,

उत्तराखंड में निवेश के नाम पर धामी सरकार का छलावा- बीजेपी के 'डबल इंजन' मॉडल का एक और उदाहरण है।