उत्तराखंड में मानसून के बीच CM धामी ने 13 जिलों के DM से बैठक कर बारिश, लैंडस्लाइड, फ्लैश फ्लड और विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया।

देहरादून। उत्तराखंड में मानसून के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को राज्य के सभी 13 जिलों के जिलाधिकारियों (DM) के साथ वर्चुअल बैठक की। देहरादून स्थित मुख्यमंत्री आवास के ऑडिटोरियम में हुई इस बैठक में सभी जिलों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े। मुख्यमंत्री ने मानसून की मौजूदा स्थिति के साथ-साथ जिलों में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की।

Uttarakhand Monsoon Alert: CM धामी ने जिलों के हालात की ली जानकारी

बैठक में मुख्यमंत्री धामी ने सभी जिलाधिकारियों से उनके जिलों में मानसून की स्थिति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने खास तौर पर यह जाना कि स्थानीय स्तर पर आपदा की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने किस तरह की तैयारियां की हैं और राहत-बचाव के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

मानसून के दौरान उत्तराखंड के कई इलाकों में भारी बारिश, भूस्खलन और अचानक बाढ़ जैसी स्थिति का खतरा बना रहता है। ऐसे में संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी और किसी भी आपात स्थिति में तेजी से कार्रवाई को लेकर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से तैयारियों का अपडेट लिया।

Heavy Rainfall और Landslide का खतरा, प्रशासन हाई अलर्ट पर

पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में लगातार बारिश के कारण फ्लैश फ्लड और लैंडस्लाइड का खतरा बढ़ गया है। कई जगहों पर नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन की चिंता भी बढ़ी हुई है। बारिश के चलते कुछ स्थानों पर भूस्खलन होने और सड़कें बंद होने से यातायात भी प्रभावित हुआ है।

ऐसे हालात में जिला प्रशासन संवेदनशील इलाकों पर लगातार नजर बनाए हुए है। नदियों के जलस्तर की निगरानी के साथ उन स्थानों को भी चिन्हित किया जा रहा है, जहां मौसम खराब होने पर स्थिति तेजी से बिगड़ सकती है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि आपदा प्रबंधन और राहत-बचाव से जुड़ी टीमें किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मौके पर पहुंचने के लिए तैयार रहें। प्रभावित क्षेत्रों तक जरूरी सहायता पहुंचाने में किसी तरह की देरी न हो, इस पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

Disaster Management: इमरजेंसी से निपटने की तैयारियों पर फोकस

बैठक में जिलाधिकारियों से यह भी पूछा गया कि उनके-अपने जिलों में आपदा या किसी अन्य इमरजेंसी की स्थिति से निपटने के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं। खासकर ऐसे क्षेत्रों में, जहां भारी बारिश के कारण सड़क संपर्क टूटने या जनजीवन प्रभावित होने की आशंका रहती है।

जिला प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्यों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने और जरूरी सेवाओं को प्रभावित इलाकों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। मानसून के दौरान कनेक्टिविटी बनाए रखना सरकार के सामने बड़ी चुनौती रहती है, इसलिए प्रशासन को लगातार स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

Uttarakhand Development Projects: विकास कार्यों की भी हुई समीक्षा

मुख्यमंत्री धामी ने मानसून की तैयारियों के साथ राज्य में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति भी जानी। जिलाधिकारियों ने अपने-अपने जिलों में संचालित विभिन्न विकास परियोजनाओं का अपडेट मुख्यमंत्री के सामने रखा। मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि विकास कार्यों को अनावश्यक रूप से रोका या टाला नहीं जाना चाहिए। जिन परियोजनाओं में जिला स्तर पर किसी तरह की समस्या या अड़चन आ रही है, उसे समय रहते दूर किया जाए ताकि काम तय गति से आगे बढ़ सकें।

13 जिलों पर सरकार की नजर, मानसून और विकास दोनों पर फोकस

उत्तराखंड सरकार मानसून के दौरान सभी 13 जिलों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम बदलने के साथ सड़क, बिजली, पानी और दूसरी सार्वजनिक सुविधाओं पर असर पड़ने की आशंका बनी रहती है। ऐसे में जिला प्रशासन और राज्य सरकार के बीच लगातार संपर्क जरूरी है।

मुख्यमंत्री की यह समीक्षा बैठक इसी समन्वय को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है। सरकार का फोकस साफ है—एक तरफ मानसून से जुड़ी किसी भी आपदा से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार रहे और दूसरी ओर राज्य में चल रहे विकास कार्य भी बेवजह प्रभावित न हों।

जिलाधिकारियों से मिले अपडेट के आधार पर राज्य सरकार को अलग-अलग जिलों की मौजूदा स्थिति, आपदा प्रबंधन की तैयारियों और विकास परियोजनाओं की प्रगति का आकलन करने में मदद मिलेगी।