खटीमा में CM पुष्कर सिंह धामी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर नमन किया। उन्होंने अन्त्योदय को समावेशी विकास का आधार बताते हुए सरकार की प्राथमिकताएं गिनाईं।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर खटीमा, ऊधमसिंह नगर में उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया। मुख्यमंत्री ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया और उनके जीवन एवं विचारों का भावपूर्ण स्मरण किया।

इस मौके पर सीएम धामी ने कहा कि एकात्म मानववाद और अन्त्योदय के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जीवन दर्शन जनसेवा से जुड़े हर व्यक्ति के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने समाज के सबसे अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के कल्याण और उत्थान को विकास का आधार माना था।

अन्त्योदय का विचार समावेशी विकास का आधार

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का अन्त्योदय का विचार आज भी समाज के समग्र और समावेशी विकास के लिए मार्गदर्शक है। उनके विचारों में विकास का केंद्र समाज का वह व्यक्ति है, जो संसाधनों और सुविधाओं की पहुंच से सबसे दूर है। सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार भी पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अन्त्योदय के विचार को आत्मसात करते हुए गरीबों, किसानों, महिलाओं, युवाओं और समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है।

गरीबों और अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। सरकार इसी सोच के साथ विभिन्न वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचार जनसेवा और विकास की दिशा में आज भी प्रासंगिक हैं। उनके अन्त्योदय के सिद्धांत को आधार बनाकर समाज के हर वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

खटीमा कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, मेयर विकास शर्मा, ब्लॉक प्रमुख रीना गौतम, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।