उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा में लोगों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को 'सरलीकरण, समाधान और संतुष्टि' के मंत्र पर काम करने और शिकायतों को तुरंत सुलझाने के निर्देश दिए। साथ ही अपने पैतृक गांव नगला तराई में एक मॉडल स्कूल का उद्घाटन भी किया।
खटीमा। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को खटीमा के लोहियाहेड हेलीपैड पर स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों से मुलाकात की। उन्होंने इस दौरान लोगों की समस्याएं सुनीं और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सभी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा करें। सीएम धामी ने प्रशासन की जवाबदेही पर जोर देते हुए कहा कि जनता की शिकायतों को तय समय के भीतर सुलझाना सबसे जरूरी है।
धामी ने अपनी सरकार के काम करने के तरीके को साफ करते हुए कहा कि राज्य का प्रशासन 'सरलीकरण, समाधान और संतुष्टि' के मूल मंत्र पर काम करता है। उन्होंने जिला अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि सरकारी कामों में कागजी उलझनों की वजह से आम लोगों को मिलने वाली सुविधाओं में कोई देरी नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने इस बातचीत के दौरान इलाके में चल रहे विकास कार्यों और बुनियादी जरूरतों को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ भी चर्चा की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार इलाके के विकास प्रोजेक्ट्स को तेजी से पूरा करने और जनता की भलाई के लिए नागरिक सुविधाएं बढ़ाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
सीएम धामी ने इससे पहले दिन में अपने होमटाउन खटीमा के एक दिवसीय दौरे पर अपने पैतृक गांव नगला तराई में एक नए अपग्रेडेड मॉडल प्राइमरी स्कूल का उद्घाटन किया। उन्होंने इस आधुनिक स्कूल को स्थानीय लोगों को समर्पित किया। मुख्यमंत्री उद्घाटन के बाद वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए अपनी पुरानी यादों में खो गए। उन्होंने याद किया कि कैसे उन्होंने इसी स्कूल से अपनी शुरुआती पढ़ाई की थी। धामी ने युवाओं का भविष्य संवारने में शिक्षा की अहमियत पर जोर देते हुए भारत-नेपाल सीमा पर बसे इस गांव को 'भारत का पहला गांव' बताया।
उन्होंने अपने बचपन की यादें ताजा करते हुए कहा,
इस स्कूल से मेरा बहुत गहरा और निजी लगाव है क्योंकि मैंने अपनी प्राइमरी शिक्षा यहीं से ली है। आज इस नए और शानदार स्कूल को समाज को सौंपते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है। शिक्षा ही हमारे बच्चों को सशक्त बनाने की कुंजी है। हमारी सरकार स्कूलों के बुनियादी ढांचे को बदलने के लिए लगातार काम कर रही है, ताकि उत्तराखंड के हर कोने, खासकर सीमावर्ती गांवों के छात्रों को भी पढ़ाई का आधुनिक माहौल मिल सके।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में उत्तराखंड भर में स्कूलों की हालत सुधारने और शिक्षा का स्तर बेहतर करने के लिए राज्य सरकार की कई पहलों का भी जिक्र किया। धामी ने राज्य सरकार के उस संकल्प को दोहराया जिसमें ग्रामीण और सीमावर्ती इलाकों के बच्चों को भी बेहतरीन सुविधाएं देने की बात कही गई है, ताकि वे भी बराबरी से दुनिया का मुकाबला कर सकें।






