Android Emergency Settings: एंड्रॉयड फोन में Emergency SOS फीचर कैसे काम करता है? पर्सनल सेफ्टी ऐप में कौन-कौन सी जरूरी जानकारी सेव की जा सकती है? अर्थ क्वेक अलर्ट सिस्टम कितने सेकंड पहले चेतावनी देता है और कैसे मदद करता है?
आज के समय में स्मार्टफोन सिर्फ कॉलिंग या सोशल मीडिया का साधन नहीं, बल्कि एक लाइफसेविंग डिवाइस भी बन चुका है। गूगल के एंड्रॉयड सिस्टम में कुछ ऐसे जरूरी सेफ्टी फीचर्स दिए गए हैं, जो इमरजेंसी के वक्त आपकी जान बचाने में मदद कर सकते हैं। अगर आप इन सेटिंग्स को पहले से ऑन कर लेते हैं, तो दुर्घटना, मेडिकल इमरजेंसी या प्राकृतिक आपदा के समय मदद तेजी से मिल सकती है।

पर्सनल सेफ्टी एप (Personal Safety App)
यह ऐप आपका सेफ्टी कंट्रोल सेंटर है। इसमें आप अपनी मेडिकल जानकारी जैसे ब्लड ग्रुप, एलर्जी और हेल्थ डिटेल्स सेव कर सकते हैं। इसके अलावा Safety Check फीचर आपकी यात्रा के दौरान आपकी लोकेशन मॉनिटर करता है और जरूरत पड़ने पर परिवार को अलर्ट भेज देता है।
भूकंप का अर्ली अलर्ट (Earthquake Alerts)
भूकंप आने से कुछ सेकंड पहले फोन तेज अलार्म के साथ चेतावनी देता है, जिससे सुरक्षित स्थान पर पहुंचने का समय मिल सकता है। यह फोन के सेंसर्स और गूगल के नेटवर्क का इस्तेमाल करके भूकंप के झटके महसूस होने से कुछ सेकंड पहले आपको तेज अलार्म के साथ चेतावनी देता है। इसे भी ऑन करने के लिए आपको सेटिंग फिर सेफ्टी एंड इमरजेंसी में जाना होगा और फिर अर्थक्वेक अलर्ट्स ऑन करके रखना होगा।
Emergency SOS
पावर बटन को 3-5 बार दबाते ही फोन तुरंत इमरजेंसी कॉल कर सकता है, लोकेशन भेज सकता है और चाहें तो वीडियो रिकॉर्डिंग भी शुरू कर सकता है। इसके लिए फोन की सेटिंग्स में जाएं, वहां पर सेफ्टी एंड इमरजेंसी ओपन करें फिर इमरजेंसी SOS को ऑन करें।
वायरलेस इमरजेंसी अलर्ट्स (Wireless Emergency Alerts)
सरकारी एजेंसियों द्वारा भेजे गए बाढ़, तूफान या भारी बारिश जैसे अलर्ट सीधे आपके फोन में आते हैं, जिससे आप पहले से सतर्क हो सकते हैं। इसके लिए सेटिंग्स > सेफ्टी एंड इमरजेंसी > वायरलेस इमरजेंसी अलर्ट्स ऑन करना होगा।
और पढ़ें: OPPO Find X9s में क्या है खास? Hasselblad कैमरा, 7025mAh बैटरी और AI फीचर्स का दमदार कॉम्बो
इमरजेंसी लोकेशन सर्विस (ELS)
इमरजेंसी कॉल के दौरान आपका फोन GPS के जरिए आपकी सटीक लोकेशन रेस्क्यू टीम तक भेज देता है, जिससे मदद जल्दी पहुंचती है। सेटिंग्स > सेफ्टी एंड इमरजेंसी > इमरजेंसी लोकेशन सर्विस में जाकर क्लिक कर दें। गूगल के मुताबिक यह लोकेशन सिर्फ अधिकृत इमरजेंसी सेवाओं तक ही पहुंचती है, किसी और के साथ शेयर नहीं की जाती।
और पढ़ें: Tecno Pova 8: 8000mAh बैटरी और 144Hz डिस्प्ले के साथ लॉन्च, गेमर्स की होगी मौज!
