आपके ब्राउजर में छुपा है खतरा! जानें एक छोटी सी गलती कैसे खाली कर सकता है बैंक अकाउंट
Browser Extension Warning Signs: ब्राउजर एक्सटेंशन काम आसान बनाने होते हैं, लेकिन कुछ चुपचाप पासवर्ड, बैंक डिटेल और ऑनलाइन एक्टिविटी पर नजर रख सकते हैं। ये बिना अलर्ट डेटा चुरा सकते हैं। कई बार एंटीवायरस भी इन्हें पकड़ नहीं पाता है। जानिए कैसे बचें

ब्राउजर एक्सटेंशन आखिर होते क्या हैं?
ब्राउजर एक्सटेंशन छोटे-छोटे टूल होते हैं, जिन्हें लोग अपने क्रोम, Edge या फायरफॉक्स (Firefox) जैसे ब्राउजर में लगाते हैं। इनका मकसद काम आसान करना होता है, जैसे ऐड ब्लॉक करना, फाइल डाउनलोड करना, ग्रामर सुधारना या काम की स्पीड बढ़ाना होता है। समस्या तब शुरू होती है, जब कोई एक्सटेंशन शुरू से ही गलत इरादे से बनाया गया हो या कोई सही एक्सटेंशन अपडेट के बाद खतरनाक बन जाए या उसका मालिक बदल जाए और यूजर को पता भी न चले। एक बार इंस्टॉल होने के बाद एक्सटेंशन आपके ब्राउज़र के अंदर काम करता है और आपकी ऑनलाइन एक्टिविटी देख सकता है।
मैलिशियस एक्सटेंशन क्या-क्या नुकसान कर सकते हैं?
ये एक्सटेंशन बहुत शांति से काम करते हैं, इसलिए अक्सर पकड़ में नहीं आते। लेकिन अंदर ही अंदर ये आपके टाइप किए गए पासवर्ड पढ़ सकते हैं, कॉपी-पेस्ट किया गया डेटा चुरा सकते हैं, बैंक या ऑफिस वेबसाइट पर छुपा कोड डाल सकते हैं, आपको फर्जी वेबसाइट पर भेज सकते हैं, आपकी ब्राउजिंग हिस्ट्री ट्रैक कर सकते हैं। यही वजह है कि कई बार एंटीवायरस भी इन्हें पकड़ नहीं पाता, क्योंकि ये ब्राउजर के भरोसेमंद सिस्टम के अंदर ही चलते हैं।
ऑफिस और कंपनियों के लिए क्यों ज्यादा खतरनाक?
अगर किसी ऑफिस कंप्यूटर में एक भी गलत एक्सटेंशन लग जाए, तो वही सिस्टम पूरे नेटवर्क के लिए एंट्री पॉइंट बन सकता है। मतलब कंपनी का डेटा लीक, लॉगिन डिटेल चोरी, पॉलिसी का उल्लंघन और बड़ा साइबर अटैक। इसलिए एक्सपर्ट्स कहते हैं कि सिर्फ यूजर को नहीं, पूरे सिस्टम को कंट्रोल में रखना जरूरी है।
ये संकेत दिखें तो तुरंत सतर्क हो जाएं
- काम से जुड़े बिना एक्सेस मांगना
- अचानक पॉप-अप और ऐड्स दिखना
- ब्राउजर स्लो या बार-बार क्रैश होना
- अनजान वेबसाइट पर रीडायरेक्ट होना
- डेवलपर की कोई साफ जानकारी न मिलना
- बहुत ज्यादा फेक जैसे रिव्यू
एक्सटेंशन डाउनलोड करते समय ये सावधानी जरूर रखें
कोई भी एक्सटेंशन लगाने से पहले खुद से ये सवाल पूछिए, 'क्या वाकई जरूरत है?' ध्यान रखें कि सिर्फ ऑफिशियल ब्राउजर स्टोर से ही डाउनलोड करें, जो परमिशन मांगी जा रही है, उसे ध्यान से पढ़ें, काम से अलग एक्सेस मांगने वाले टूल से दूर रहें, बहुत ज्यादा वादे करने वाले एक्सटेंशन पर भरोसा न करें और जो एक्सटेंशन इस्तेमाल में नहीं है, उसे हटा दें।
ऑफिस यूजर्स और कंपनियां क्या करें?
- बिना IT की अनुमति कोई एक्सटेंशन न लगाएं
- सिर्फ जरूरी और वेरिफाइड टूल ही इस्तेमाल करें
- पर्सनल एक्सटेंशन को ऑफिस सिस्टम में न रखें
- समय-समय पर एक्सटेंशन की जांच होनी चाहिए
अगर शक हो जाए कि एक्सटेंशन से डिवाइस इनफेक्टेड है तो क्या करें?
- घबराएं नहीं, लेकिन देर भी न करें।
- सबसे पहले उस एक्सटेंशन को हटा दें।
- सभी जरूरी अकाउंट्स के पासवर्ड बदलें।
- सभी जगह से लॉगआउट करें।
- पूरा सिस्टम सिक्योरिटी स्कैन कराएं।
- ब्राउजर की सेटिंग्स चेक करके रीसेट करें।
- बैंक और ईमेल एक्टिविटी पर नजर रखें।
- अगर डेटा या पैसे का नुकसान हुआ है, तो 1930 पर कॉल करें या नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं।
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