यूट्यूब 2026 तक AI को और एकीकृत करेगा। क्रिएटर्स AI का उपयोग करके अपने अवतार वाले शॉर्ट्स बना सकेंगे। प्लेटफॉर्म पर नए शॉर्ट्स फॉर्मेट और संगीत सुविधाएँ भी जोड़ी जाएंगी।
पॉपुलर वीडियो प्लेटफॉर्म यूट्यूब ने 2026 तक अपने प्लेटफॉर्म और क्रिएटर्स के लिए बड़ी योजनाएं बनाई हैं। कंपनी अपने मौजूदा और नए यूट्यूब टूल्स में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को और ज्यादा जोड़ने की योजना बना रही है। यह घोषणा यूट्यूब के सीईओ नील मोहन ने की। जल्द ही कंटेंट क्रिएटर्स AI का इस्तेमाल करके यूट्यूब पर अपने जैसे दिखने वाले शॉर्ट्स वीडियो बना पाएंगे। इसके अलावा, यूट्यूब नए कंटेंट फॉर्मेट के साथ शॉर्ट्स को बेहतर बनाने और संगीत से जुड़ी और भी सुविधाएं लाने की योजना बना रहा है।
यूट्यूब की नई योजनाएं क्या हैं?
यूट्यूब कंटेंट क्रिएटर्स को AI का उपयोग करके अपने जैसे दिखने वाले शॉर्ट्स बनाने की अनुमति देगा। आसान शब्दों में कहें तो, क्रिएटर्स अपने ही AI अवतार वाले शॉर्ट्स बना सकेंगे। इसके अलावा, यह टेक्स्ट प्रॉम्प्ट AI फीचर का उपयोग करके गेम बनाने की भी सुविधा देगा। यूट्यूब धीरे-धीरे शॉर्ट्स में AI फीचर्स जोड़ रहा है। इनमें AI-जनरेटेड क्लिप, स्टिकर, ऑटो-डबिंग और दूसरे क्रिएटिव टूल्स शामिल हैं।
नए फॉर्मेट वाले शॉर्ट्स
AI टूल्स के अलावा, यूट्यूब इमेज-आधारित पोस्ट सहित नए फॉर्मेट के साथ शॉर्ट वीडियो को और बेहतर बनाने की योजना बना रहा है। ये फॉर्मेट टिकटॉक और इंस्टाग्राम रील्स जैसे प्लेटफॉर्म पर पहले से ही मौजूद हैं। इसका मकसद यूजर्स को ऐप बदले बिना क्रिएटर्स के साथ और ज्यादा तरीकों से जुड़ने की सुविधा देना है। इसके अलावा, यूट्यूब सिर्फ म्यूजिक वीडियो को बढ़ावा देने के बजाय, यूजर्स को नए कलाकारों को खोजने, गानों के बैकग्राउंड के बारे में ज्यादा जानने और नई रिलीज को ट्रैक करने में मदद करने वाली योजनाएं भी बना रहा है।
यूट्यूब पर बच्चों और किशोरों की सुरक्षा
यूट्यूब ने हाल ही में पैरेंटल कंट्रोल्स को इस्तेमाल में आसान बनाने के उद्देश्य से अपडेट की घोषणा की थी। इन बदलावों के अनुसार, माता-पिता को इस बात पर ज्यादा कंट्रोल मिलेगा कि बच्चे और किशोर शॉर्ट्स देखने में कितना समय बिताते हैं। इसमें समय सीमा को शून्य पर सेट करके शॉर्ट्स देखने को पूरी तरह से ब्लॉक करने का विकल्प भी शामिल होगा।
