लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी और भारतीय सेना के बीच हुई झड़प के बाद पूरे देश मे चीनी उत्पादों के बहिष्कार की मांग ने जोर पकड़ लिया है। इस बीच, चाइनीज ऐप टिकटॉक की जगह भारतीय यूजर चिंगारी ऐप को डाउनलोड करने लगे हैं।

टेक डेस्क। लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी और भारतीय सेना के बीच हुई झड़प के बाद पूरे देश मे चीनी उत्पादों के बहिष्कार की मांग ने जोर पकड़ लिया है। इस बीच, चाइनीज ऐप टिकटॉक की जगह भारतीय यूजर चिंगारी ऐप को डाउनलोड करने लगे हैं। टिकटॉक एंटरटेनमेंट वीडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म है। यह भारत में बहुत पॉपुलर है। लेकिन अब चिंगारी ऐप टिकटॉक को जोरदार टक्कर दे रहा है। यह भारत में विकसित किया गया वीडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म है। चिंगारी ऐप के डेवलपर्स ने दावा किया है कि पिछले 72 घंटे के भीतर इस ऐप को 5 लाख बार डाउनलोड किया गया है। 

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मित्रों ऐप को भी छोड़ चुका पीछे
कुछ समय पहले मित्रों नाम का स्वदेशी ऐप आया था। यह भी टिकटॉक की तरह का वीडियो शेयरिंग ऐप है। भारतीय यूजर्स के बीच इसकी लोकप्रियता भी बढ़ी थी, लेकिन चिंगारी ऐप मित्रों से आगे निकल चुका है। चिंगारी ऐप के डेवपलर्स का कहना है कि चीनी उत्पादों के बहिष्कार के बीच लोग बहुत तेजी से इस ऐप को अपना रहे हैं और यह काफी पॉपुलर हो रहा है।

टिकटॉक हुआ लोगों के गुस्से का शिकार
टिकटॉक भारत में सबसे ज्यादा पॉपुलर था, लेकिन भारत और चीन के बीच हिंसक झड़प में 20 भारतीय जवानों के शहीद होने के बाद चीन के खिलाफ लोगों का गुस्सा भड़क गया है। लोग अब अपने फोन से चीन निर्मित ऐप्स को डिलीट कर रहे हैं। ऐसे में, उन्हें टिकटॉक के विकल्प की तलाश थी, जो चिंगारी ऐप के रूप में उन्हें मिल गया है। 

कई भाषाओं में उपलब्ध है यह ऐप
चिंगारी कई भाषाओं में उपलब्ध है। इसमें वीडियो डाउनलोड और अपलोड करने के साथ ही चैट और कंटेंट साझा करने की भी सुविधा है। यह ऐप यूजर्स को पेमेंट भी करता है। पेमेंट की राशि इस बात पर निर्भर करती है कि वीडियो कितना वायरल हुआ है। चिंगारी के डेवलपर्स ने दावा किया है कि उनके ऐप की मांग गूगल प्ले स्टोर पर सबसे ज्यादा बनी हुई है।