भारत सरकार (Government of India) ने पिछले कुछ महीनों में 200 से ज्यादा चाइनीज ऐप्स को बैन कर दिया है। इसके बावजूद सरकारी एजेंसियां (Government Agencies) तक इनका इस्तेमाल कर रही हैं। यह खुलासा टेलिकॉम रेग्युलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) की एक रिपोर्ट से हुआ है।  

टेक डेस्क। भारत सरकार (Government of India) ने पिछले कुछ महीनों में 200 से ज्यादा चाइनीज ऐप्स को बैन कर दिया है। इसके बावजूद सरकारी एजेंसियां (Government Agencies) तक इनका इस्तेमाल कर रही हैं। यह खुलासा टेलिकॉम रेग्युलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) की एक रिपोर्ट से हुआ है। बता दें कि टेलिकॉम रेग्युलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने साल 2019 के टेलिकॉम सेक्टर के प्रदर्शन को लेकर 5 नवंबर को एक प्रेस रिलीज जारी किया था। तीन पेज की इस प्रेल रिलीज को ट्राई के अधिकारियों ने चीन के प्रतिबंधित ऐप केमस्कैनर (CamScanner) से स्कैन किया है। इसे ट्राई के अधिकारियों की लापरवाही तो कहा ही जा रहा है, साथ ही चीन के ऐप्स पर पूर्ण प्रतिबंध के सरकार के दावे पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। 

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पिछले हफ्ते लगा था 43 ऐप्स पर प्रतिबंध
केंद्र सरकार ने पिछले हफ्ते ही चीन के 43 और भी ऐप्स पर प्रतिबंध लगाए हैं। अब भारत में चीन के प्रतिबंधित ऐप्स की संख्या 200 से भी ज्यादा हो गई है। इसके बावजूद कहा जा रहा है कि लाखों की संख्या में लोग प्रतिबंधित चीनी ऐप्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। इनका इस्तेमाल VPN और APK के जरिए किया जा रहा है।

लोकेशन बदल कर हो रहा इस्तेमाल
जानकारों का कहना है कि VPN के जरिए यूजर्स इंटरनेट पर अपना लोकेशन बदल कर प्रतिबंधित चाइनीज ऐप्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। भारत में चीन की तरह विदेशी ऐप्स को फायरवॉल (Firewall) से प्रतिबंधित कर पाना संभव नहीं है। 

पूरी तरह ऐप्स पर प्रतिबंध संभव नहीं
टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि चीन के ऐप्स पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा पाना संभव नहीं है। उनका कहना है कि चीन किसी भी ऐप को बैन करने के साथ वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) को भी नियमित तौर पर बैन करता रहता है। वहीं, भारत में VPN बैन नहीं होता है। बता दें कि सरकार ने देश की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चाइनीज ऐप्स को बैन किया था, लेकिन इनका इस्तेमाल जारी है।