आप जो दवा खा रहे… कहीं वो नकली तो नहीं? इस ट्रिक से सिर्फ 10 सेकंड में पकड़ें
Fake Medicine Check: क्या आप भी नकली दवाओं से परेशान हैं या नहीं जानते इसकी पहचान कैसे करें? तो टेंशन लेने की जरुरत नहीं है। अब सिर्फ मोबाइल से QR कोड स्कैन करके जान सकते हैं दवा असली है या नकली। इसमें सिर्फ कुछ सेकेंड्स का समय लगता है। जानिए कैसे..

नकली दवा की पहचान का सिस्टम
भारत में नकली और मिलावटी दवाएं एक बड़ी समस्या बन चुकी हैं। कई बार दवा असली लगती है, पैकिंग भी ठीक होती है, लेकिन अंदर की दवा नकली निकलती है। इसका सीधा असर मरीज की सेहत पर पड़ता है और भरोसा भी टूटता है। इसी खतरे को कम करने के लिए सरकार ने एक आसान और स्मार्ट तरीका शुरू किया है, दवाओं पर QR कोड वैरिफिकेशन सिस्टम। अब आम आदमी अपने मोबाइल से ही खुद चेक कर सकता है कि दवा असली है या नहीं।
असली और नकली दवा कैसे पहचानें?
आजकल लगभग हर स्मार्टफोन में कैमरे के साथ QR स्कैन करने की सुविधा होती है। किसी अलग ऐप की जरूरत भी नहीं पड़ती। दवा के पैकेट पर छपा QR कोड ही आपको पूरी सच्चाई बता देता है। जब आप QR कोड स्कैन करते हैं, तो आपके मोबाइल स्क्रीन पर दवा से जुड़ी जरूरी जानकारी दिखती है, जैसे बैच नंबर, एक्सपायरी डेट और दवा बनाने वाली कंपनी का लाइसेंस नंबर। अगर स्क्रीन पर दिख रही जानकारी पैकेट पर लिखी जानकारी से मेल खाती है, तो दवा असली है। लेकिन अगर ;No Record Found' लिखा आए या डिटेल्स अलग हों, तो समझ जाइए कुछ गड़बड़ है।
QR कोड से दवा की पहचान करने का स्टेप-बाय-स्टेप तरीका
- सबसे पहले दवा के पैकेट को ध्यान से देखें।
- QR कोड आमतौर पर दवा की बाहरी या अंदरूनी पैकिंग पर छपा होता है।
- अब अपने मोबाइल का कैमरा खोलिए और QR कोड पर फोकस कीजिए।
- स्क्रीन पर जो लिंक या जानकारी खुले, उसे ध्यान से पढ़िए।
- अब इस जानकारी को दवा के पैकेट पर लिखी डिटेल्स से मिलाइए।
- अगर सब कुछ सही है, तो दवा सुरक्षित है।
- अगर नहीं, तो तुरंत इसकी शिकायत करें।
दवा की गलत जानकारी मिले तो क्या करें?
अगर QR स्कैन करने पर रिकॉर्ड नहीं मिलता या डिटेल्स मेल नहीं खातीं, तो इसे नजरअंदाज न करें। ऐसी स्थिति में आप CDSCO (Central Drugs Standard Control Organisation) को इसकी जानकारी दे सकते हैं। इससे न सिर्फ आपको, बल्कि दूसरों को भी नकली दवा से बचाने में मदद मिलेगी।
इन जरूरी बातों का रखें ध्यान
फिलहाल भारत में टॉप 300 ज्यादा बिकने वाली दवाओं पर ही QR कोड लगाना अनिवार्य किया गया है। यानी हर दवा पर अभी QR कोड नहीं मिलेगा। लेकिन आने वाले समय में यह सिस्टम और दवाओं पर भी लागू किया जाएगा। मतलब थोड़ी सी सतर्कता आपकी और आपके परिवार की सेहत बचा सकती है।
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