जल्द ही मोबाइल रिचार्ज का खर्च बढ़ सकता है।1 अप्रैल से नेटवर्क प्रोवाइडर टेलिकॉम कंपनियां कीमत बढ़ाने का फैसला ले सकती हैं। बता दें कि 2G से 4G में अपग्रेड होने के बाद एवरेज रेवेन्यू में सुधार हुआ है।

टेक डेस्क। जल्द ही मोबाइल रिचार्ज का खर्च बढ़ सकता है।1 अप्रैल से नेटवर्क प्रोवाइडर टेलिकॉम कंपनियां कीमत बढ़ाने का फैसला ले सकती हैं। बता दें कि 2G से 4G में अपग्रेड होने के बाद एवरेज रेवेन्यू में सुधार हुआ है। टेलिकॉम सेक्टर में मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) की कंपनी जियो (Jio) के आने के बाद यूजर्स को बहुत फायदा हुआ था, क्योंकि डेटा और वॉइस कॉलिंग के रेट बहुत कम हो गए थे। वहीं, अब एक बार फिर टेलिकॉम कंपनियों ने वॉइस कॉलिंग और डेटा की कीमतें बढ़ाने का फैसला कर लिया है। 

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1 अप्रैल से बढ़ेगी कीमत
बता दें कि नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ कंपनियां रिचार्ज की दर बढ़ाने की योजना पर काम कर रही हैं। जानकारी के मुताबिक, 1 अप्रैल से नेटवर्क प्रोवाइडर कंपनियां अपने रेवेन्यू में ग्रोथ के लिए कीमत बढ़ाने का फैसला ले सकती हैं। पिछले वर्ष भी कुछ नेटवर्क प्रोवाइडर कंपनियों ने टैरिफ दर में बढ़ोत्तरी की थी। 

एवरेज रेवेन्यू का बना रहना जरूरी
टेलिकॉम कंपनियों का कहना है कि अगर बाजार में अपनी स्थिति मजबूत रखनी है, तो नेटवर्क प्रोवाइडर कंपनियों के लिए एवरेज रेवेन्यू का बना रहना जरूरी है। फिलहाल, मार्केट में कंपनियों के पास काफी कस्टमर हैं, लेकिन एवरेज रेवन्यू के हिसाब से कस्टमर कम हैं। इसे देखते हुए सभी कंपनियां रिचार्ज प्लान्स में बढ़ोत्तरी कर सकती हैं। अब कस्टमर्स के 2G से 4G में अपग्रेड होने के बाद एवरेज रेवेन्यू में प्रति यूजर सुधार होगा। यह करीब 220 रुपए होगा।

बढ़ा है डेटा का इस्तेमाल
ऐसा कहा जा रहा है कि आने वाले 2 सालों में इंडस्ट्री का रेवेन्यू 11 से 13 फीसदी और वित्त वर्ष 2022 में करीब 38 फीसदी तक ज्यादा हो जाएगा। देश में कोरोनावायरस महामारी के चलते सभी इंडस्ट्री पर असर हुआ, लेकिन टेलिकॉम इंडस्ट्री पर कोई खास असर नहीं पड़ा। लॉकडाउन के दौरान भी वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन क्लासेस और वीडियो स्ट्रीमिंग की वजह से डेटा का ज्यादा इस्तेमाल हुआ है।