चिप की कमी व रुपये की कमजोरी से स्मार्टफोन महंगे हुए हैं। सैमसंग, ओप्पो, शाओमी ने दाम 3-22% बढ़ाए, जिससे बिक्री 30% गिरी। यह महंगाई 2027 तक जारी रह सकती है।

अगर आप नया स्मार्टफोन खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपकी जेब पर भारी पड़ सकती है। अप्रैल महीने में लगभग सभी बड़ी कंपनियों ने अपने मोबाइल फोन के दाम बढ़ा दिए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसकी बड़ी वजह ग्लोबल लेवल पर चिप की कमी और विदेशी मुद्रा विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव है।

किन-किन ब्रांड्स के फोन हुए महंगे?

ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन के आंकड़ों के अनुसार, लगभग सभी बड़े ब्रांड्स ने कीमतों में अच्छी-खासी बढ़ोतरी की है।

सैमसंग (Samsung): 3% से 22% तक दाम बढ़ाए।

ओप्पो (Oppo): 6% से 18% तक की बढ़ोतरी।

शाओमी (Xiaomi): 3% से 15% तक।

रियलमी (Realme): 3% से 12% तक।

नथिंग (Nothing): 13% से 14% तक दाम बढ़ाए।

मोटोरोला (Motorola): 4% से 9% तक।

वीवो (Vivo): 15 अप्रैल से कीमतें बढ़ाने की जानकारी है।

हालांकि, वनप्लस (OnePlus) ने अभी तक कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की है।

iPhone पर भी बढ़ा खर्च

Apple ने सीधे तौर पर तो दाम नहीं बढ़ाए, लेकिन फोन पर मिलने वाले बड़े डिस्काउंट और ऑफर्स खत्म कर दिए हैं। कंपनी ने आईफोन 15 और 16 सीरीज पर मिलने वाला 5,000 रुपये का डिस्काउंट हटा दिया है। इसके अलावा, आईफोन 17 मॉडल्स पर जो 6,000 रुपये का कैशबैक मिलता था, उसे घटाकर सिर्फ 1,000 रुपये कर दिया गया है। इसका मतलब है कि अब आईफोन खरीदने के लिए ग्राहकों को पहले से ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे।

आखिर क्यों बढ़ रहे हैं दाम?

कारोबारियों का कहना है कि मोबाइल की कीमतें बढ़ने के पीछे मुख्य रूप से चार कारण हैं:

चिप की कमी: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती डिमांड के कारण चिप की मांग बढ़ गई है, जिससे बनाने की लागत भी बढ़ी है।

गल्फ संकट: गल्फ क्षेत्र में राजनीतिक अस्थिरता के कारण माल ढुलाई का इंश्योरेंस और शिपिंग चार्ज बढ़ गया है।

रुपये की कमजोरी: डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत गिरने से विदेश से आने वाले पार्ट्स महंगे हो गए हैं।

कच्चा माल: प्लास्टिक और मेमोरी चिप जैसे कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी ने भी कंपनियों की मुश्किल बढ़ा दी है।

बाजार में मंदी, पुराने फोन की बढ़ी मांग

कीमतें बढ़ने से स्मार्टफोन बाजार में बिक्री घट गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अकेले मार्च में मोबाइल फोन की बिक्री में करीब 30% की गिरावट आई है। कई लोग कीमतें कम होने की उम्मीद में नया फोन खरीदना टाल रहे हैं। इसकी जगह, कई लोग सेकंड-हैंड फोन खरीद रहे हैं।

क्या कीमतें कम होंगी?

जानकारों का मानना है कि यह महंगाई जल्द खत्म नहीं होने वाली। ऐसा अनुमान है कि यह ट्रेंड 2027 तक जारी रह सकता है। जब तक बनाने का सामान सस्ता नहीं होता या अंतरराष्ट्रीय हालात बेहतर नहीं होते, तब तक स्मार्टफोन बाजार में कीमतों में कमी की उम्मीद करना मुश्किल है।