- Home
- Technology
- Tech News
- Semiconductor Chip : फोन से कार तक हर जगह इस्तेमाल, आखिर क्यों है खास जानें यहां
Semiconductor Chip : फोन से कार तक हर जगह इस्तेमाल, आखिर क्यों है खास जानें यहां
Semiconductor chip India: भारत 2025 तक सेमीकंडक्टर चिप निर्माण में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। पीएम मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर देश को मेड इन इंडिया सेमीकंडक्टर चिप का तोहफा दिया। जानिए इस क्षेत्र की प्रमुख योजनाओं के बारे में।

स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी का देश को तोहफा
भारत आज 79वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। राष्ट्र को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने देशवासियों को बड़ा तोहफा दिया और बताया कि देश सेमीकंडक्टर की दुनिया में आगे बढ़ रहा है। देश में पहले से छह सेमीकंडक्टर यूनिट काम कर रही हैं, जबकि अन्य चार को मंजूरी मिल चुकी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि 2025 के आखिर तक ‘मेड इन इंडिया’ सेमीकंडक्टर चिप बाजार में आ जाएगी।
सेमीकंडक्टर चिप क्या होती है?
बता दें, सेमीकंडक्टर चिप के लिए देशों में अक्सर टकराव होता रहता है। ऐसे में ये जानना जरूरी है कि सेमीकंडक्टर चिप क्या है। ये सिलिकॉन आधारित एक इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट हैं जिसका इस्तेमाल किसी भी डिवाइस की प्रोसेसिंग और मेमोरी स्टोरेज में किया जाता है। आसान भाषा में कहें तो जो मेमोरी चिप आप फोन में लगाते हैं, वो इसका एक तरह का प्रकार होती हैं।
सेमीकंडक्टर चिप का काम क्या होता है?
टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सेमीकंडक्टर चिप छोटी होकर भी बहुत काम की होती है। इसके बिना कोई भी गैजेट काम नहीं कर सकता है। मोबाइल,लैपटॉप से लेकर व्हीकल, डिफेंस और सेटेलाइट सेक्टर में इसका इस्तेमाल किया जाता है।
सेमीकंडक्टर चिप कौन से देश बनाते हैं?
- दुनिया में सबसे ज्यादा सेमीकंडक्टर चिप का उत्पादन ताइवान करता है। इस देश की कंपनी TSMC के पास चिप मार्केट का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा है।
- दूसरे नंबर पर साउथ कोरिया का नाम आता है, जो मेमोरी चिप का निर्माण करता है। इसमें Samsung, SK hynix जैसी कंपनियों की अहम भूमिका है।
- इस क्षेत्र में चीन भी धीरे-धीरे तरक्की कर रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स बताती हैं कि चीन सेमीकंडक्टर चिप के कुल उत्पादन का लगभग 15-20 प्रतिशत हिस्सा रखता है।
- चिप का आविष्कार अमेरिका ने किया था, लेकिन इसका निर्माण आजकल ज्यादातर एशियाई देश कर रहे हैं। ऐसे में अमेरिका भी इस क्षेत्र में लगातार निवेश कर रहा है और इंटेल, माइक्रोन जैसी कंपनियां अहम भूमिका निभा रही हैं।
- Kioxia और Renesas जापान की टेक कंपनियां हैं, जो इस क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रही है। जापान में सेमीकंडक्टर बनाने के कच्चे माल से जुड़ी 100 यूनिट हैं, जो इसे मजबूत बनाती हैं।
सेमीकंडक्टर चिप खरीदने वाले देश कौन से है?
लिस्ट में पहला नाम चीन का आता है। जो अपनी इलेक्ट्रॉनिक मार्केट के लिए वैश्विक दुनिया की कुल खरीद का एक तिहाई हिस्सा खरीदता है। जबकि दूसरे नंबर पर अमेरिका आता है।
भारत किस देश से सेमीकंडक्टर खरीदता है?
भारत अपनी जरूरत के हिसाब से 100 फीसदी सेमीकंडक्टर दूसरे देशों से खरीदता है। जिनमें सबसे बड़ा सप्लायर ताइवान है। इसके बाद चीन, साउथ कोरिया, वियतनाम और मलेशिया का नाम आता है। इससे इतर usimportdata की रिपोर्ट के अनुसार, भारत खुद भी सेमीकंडक्टर एक्सपोर्ट करता है। जहां 2024-25 के दौरान भारत अमेरिका को चिप एक्सपोर्ट करने वाला चौथा देश है, जो अमेरिका के टोटल सेमीकंडक्टर आयात में 7.2% का योगदान देता है।
सेमीकंडक्टर चिप के लिए भारत का प्लान
भारत का सपना है कि वह सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन का ग्लोबल हब बने ताकि इंपोर्ट कम हो और सप्लाई चेन मजबूत हो और घरेलू क्षमता बढ़े। सरकार ने इस क्षेत्र में लगभग 76 हजार करोड़ रुपए "सेमिकॉन इंडिया प्रोग्राम" के तहत जारी किए हैं। अभी तक देश में 10 बड़े सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिल चुकी है, जहां 6 प्लांट्स पर काम जारी है। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, HCL-फॉक्सकॉन, माइक्रोन, वेदांता-फॉक्सकॉन और कई ग्लोबल टेक कंपनियां अहम रोल निभा रही है। 2025 के आखिर तक भारत Made in India सेमीकंडक्टर चिप लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है।
टेक समाचार: In depth coverage of tech news (टेक न्यूज़) in Hindi covering tech gadget launches, price & specification & LIVE updates at Asianet News