अमेरिका में AI की मदद से प्रोजेक्ट बनाने पर एक छात्र को ज़ीरो अंक मिले। नाराज़ माता-पिता ने शिक्षक और स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। छात्र ने करीम अब्दुल-जब्बार पर AI से लेख लिखा था।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI आजकल काफी इस्तेमाल किया जा रहा है। रिज्यूमे तैयार करने से लेकर, अलग-अलग आवेदन तैयार करने, असाइनमेंट तैयार करने तक, कई कामों के लिए लोग AI का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन, अमेरिका में AI की मदद से प्रोजेक्ट तैयार करने वाले एक छात्र को शिक्षक ने सजा दी। इसके बाद छात्र के माता-पिता ने शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

मैसाचुसेट्स के एक हाई स्कूल के सीनियर छात्र के माता-पिता ने उसके शिक्षक, स्कूल जिला अधिकारियों और स्थानीय स्कूल कमेटी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। छात्र ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से इतिहास विषय पर एक लेख तैयार किया था। 

अमेरिकन कॉलेज टेस्ट (ACT) में अच्छे अंक हासिल करने वाले छात्र का सपना स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में दाखिला लेना है। लेकिन, छात्र के इतिहास के शिक्षक ने पाया कि छात्र और एक अन्य छात्र ने लेख तैयार करने के लिए AI की मदद ली थी। यह प्रोजेक्ट बास्केटबॉल के दिग्गज करीम अब्दुल-जब्बार पर आधारित था। बहरहाल, AI की मदद से प्रोजेक्ट तैयार करने पर छात्र को शून्य अंक दिए गए। इससे छात्र के कुल अंकों पर भी असर पड़ा। 

छात्र के परिवार के वकील पीटर फैरेल का कहना है कि छात्र ने पूरी तरह से AI का इस्तेमाल नहीं किया था। बल्कि, जानकारी के लिए गूगल की तरह ही AI का इस्तेमाल किया था। मैसाचुसेट्स जिला अदालत में दायर शिकायत में कहा गया है कि छात्र ने कोई नियम नहीं तोड़ा है। इस मामले के बाद स्कूली छात्रों द्वारा AI टूल्स के इस्तेमाल से जुड़े नियमों पर चर्चा शुरू हो गई है। 

(तस्वीर सांकेतिक है)