Dhauliganga  

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    NationalFeb 8, 2021, 12:43 PM IST

    तबाही मचाने के 24 घंटे बाद यूं शांत हो गई गंगा, लोगों की चीख नहीं,बस शांत लहरों को आ रही आवाज

    वीडियो डेस्क। तपोवन में रविवार सुबह 10 बजे ग्लेशियर टूटकर ऋषिगंगा नदी में गिरने के बाद ये हादसा हुआ। इससे बेतहाशा बाढ़ के हालात पैदा हो गए और धौलीगंगा पर बन रहा बांध बह गया। ऋषिगंगा हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट और सरकारी कंपनी NTPC के प्रोजेक्ट तबाह हो गए। ऋषिगंगा प्रोजेक्ट में 32 वर्कर्स लापता हैं। यहां से 5 किलोमीटर दूर NTPC के प्रोजेक्ट पर हादसे के वक्त 176 मजदूर ड्यूटी पर थे। इनमें से 121 लापता हैं। इसके अलावा कुछ ग्रामीण और मवेशी भी लापता हैं।  ऋषिकेश से 18 किलोमीटर दूर गंगा नदी शांत नजर आई। शिवपुरी के पास गंगा नदी का सामान्य जल स्तर दिखा। वीडियो में देखिए  शांत लहरों से सामान्य जल स्तर में बह रही गंग नदी। 
     

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    BollywoodFeb 7, 2021, 6:37 PM IST

    उत्तराखंड में ग्लेशियर से मची तबाही, अक्षय कुमार, श्रद्धा कपूर समेत इन सेलेब्स ने मांगी सलामती की दुआ

    उत्तराखंड के चमोली (Chamoli) में ग्लेशियर (Glacier) टूटने से भारी तबाही की आशंका जताई जा रही है। राज्य के चमोली जिले के पास तपोवन में ग्लेशियर फटने से धौलीगंगा पर बना बांध बह गया। इसके साथ ही नदियों में बाढ़ और मलबा तेजी से बहने लगा, जिससे आसपास के घरों में रहने वाले करीब 170 से ज्यादा लोगों के मरने की आशंका है। इस आपदा पर बॉलीवुड सेलेब्रिटीज के भी रिएक्शन आए हैं। 

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    NationalFeb 7, 2021, 5:40 PM IST

    क्या होता है ग्लेशियरऔर क्यूं ये टूटते हैं ? वीडियो में देखिए उत्तराखंड में कहर बरपा रही है घटना

    वीडियो डेस्क। उत्तराखंड के चमोली जिले में ग्लेशियर टूटने से भारी तबाही हुई है। रेणी गांव के पास ग्लेशियर टूटने से भारी जानमाल के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। बचाव अभियान के लिए मौके पर ITBP और SDRF की टीमें पहुंच गईं हैं। हरिद्वार, ऋषिकेश समेत पड़ोसी राज्यों में भी अलर्ट जारी किया गया है। आपको बताते हैं क्या होता ग्लेशियर और क्यू ये टूटते हैं।  ग्लेशियर ( Glacier)या  या हिमनद एक विशाल आकार के बर्फीले पहाड़ों कहते हैं। ये पर्वतों से नीचे की ओर गतिशील होते हैं। जैसे-जैसे ग्लेशियर के ऊपरी हिस्से पर बर्फ का भार बढ़ता जाता है, उसकी निचले हिस्से पर दबाव पड़ने लगता है। ग्लेशियर पिघलने की एक बड़ी वजह ग्लोबल वार्मिंग और वनों का कटना माना जाता है। इससे गुरुत्वाकर्षण बढ़ता है और ग्लेशियर पिघलने लगते हैं। जब भी किसी ग्‍लेशियर का कोई हिस्‍सा टूटकर उससे अलग होता है, तो इसे तकनीकी रूप से काल्विंग (Glacier Calving) कहते हैं।

    क्या है ग्लेशियर और क्यूं टूटते हैं ?
    ग्लेशियर एक विशाल आकार के बर्फीले पहाड़ों कहते हैं। ये पर्वतों से नीचे की ओर गतिशील होते हैं। जैसे-जैसे ग्लेशियर के ऊपरी हिस्से पर बर्फ का भार बढ़ता जाता है, उसकी निचले हिस्से पर दबाव पड़ने लगता है। ग्लेशियर पिघलने की एक बड़ी वजह ग्लोबल वार्मिंग, वनों का कटना माना जाता है। इससे गुरुत्वाकर्षण बढ़ता है और ग्लेशियर पिघलने लगते हैं। जब भी किसी ग्‍लेशियर का कोई हिस्‍सा टूटकर उससे अलग होता है, तो इसे तकनीकी रूप से काल्विंग (Glacier Calving) कहते हैं।

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    NationalFeb 7, 2021, 5:01 PM IST

    ग्लेशियर टूटने से ऋषिगंगा की सुरंग में फंसे 50 लोगों की मौत की आशंका, अब तक तीन शव निकाले गए

    वीडियो डेस्क। उत्तराखंड के जोशीमठ से लगभग 25 किमी दूर रविवार सुबह ग्लेशियर टूट गया। चमोली में रेणी के पास इस प्राकृतिक आपदा के चलते वहां कई इलाकों में पानी का भयंकर गुबार देखने को मिला। उत्तराखंड के मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने बताया कि हादसे में 100-150 लोगों की जान जाने की आशंका है। बताया जा रहा है कि यह पानी के सैलाब से आस-पास के कुछ घरों को भी नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा रेशीगंगा की एक सुरंग में काम कर रहे 50 लोगों के मारे जाने की आशंका है। इसके अलावा ऋषि गंगा प्रोजेक्ट और तपोवन में बैराज को भी नुकसान की खबर है। SDRF की टीम कर रही  रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है। 
     

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    NationalFeb 7, 2021, 2:36 PM IST

    उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर फटा, लोगों को दी जा रही ये सलाह, जारी हुआ हेल्पलाइन नंबर

    वीडियो डेस्क। उत्तराखंड के चमोली जिले में ग्लेशियर टूटने के कारण बड़ा हादसा हुआ है। रिपोर्ट्स के अनुसार ग्लेशियर टूटने के बाद इसका बड़ा हिस्सा ऋषिगंगा नदी पर पावर प्रोजेक्ट के डैम पर गिरा है। इस कारण डैम क्षतिग्रस्त हुआ है और इससे पानी तेजी से अलकनंदा नदी में जाने लगा है।ऐसे में अलकनंदा नदी के किनारे रह रहे लोगों को सुरक्षित जगह पर जाने की सलाह दी गई है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने एक और ट्वीट किया है लोगों से गुजारिश की है कि पुराने वीडियो शेयर कर अफवाह नहीं फैलाए जाएं। साथ ही उन्होंने लिखा, 'अगर आप प्रभावित क्षेत्र में फंसे हैं, आपको किसी तरह की मदद की जरूरत है तो कृपया आपदा परिचालन केंद्र के नम्बर 1070 या 9557444486 पर संपर्क करें।