International Literacy Day  

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  • <p>8 सितंबर को दुनियाभर में वर्ल्ड लिटरेसी डे मनाया जाता है। अक्सर हम क्रिकेटर्स और बॉलीवुड सेलेब्स की लाइफ के बारें में पढ़ते हैं, लेकिन कभी आप ने यह सोचा है की जिन नेताओं को हम देश चलाने के लिए चुन रहे हैं, वो कितने पढ़े लिखे हैं? इस समय देश में बीजेपी की सरकार है तो चलिए जानते है इस पार्टी के कुछ दिग्गज नेताओं के एजुकेशनल क्वालिफिकेशन के बारे में।</p>
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    NationalSep 8, 2020, 7:27 PM IST

    International Literacy Day: जानिए कहा तक पढ़े हैं BJP के ये मशहूर नेता

    8 सितंबर को दुनियाभर में वर्ल्ड लिटरेसी डे मनाया जाता है। अक्सर हम क्रिकेटर्स और बॉलीवुड सेलेब्स की लाइफ के बारें में पढ़ते हैं, लेकिन कभी आप ने यह सोचा है की जिन नेताओं को हम देश चलाने के लिए चुन रहे हैं, वो कितने पढ़े लिखे हैं? इस समय देश में बीजेपी की सरकार है तो चलिए जानते है इस पार्टी के कुछ दिग्गज नेताओं के एजुकेशनल क्वालिफिकेशन के बारे में।

  • Education: The government has proposed a new education policy along with FDI for better education. The finance minister stressed on more job-oriented courses and online education programmes. National forensics science university and medical colleges in district hospitals have also been proposed. The government has allotted Rs 99,300 crore for education sector.

    CareersSep 8, 2020, 2:35 PM IST

    International Literacy Day पर जानिए आपके राज्य में हैं कितने पढ़े-लिखे? देश के सबसे ज्यादा और कम साक्षर राज्य

    सर्वे के अनुसार, देश की कुल साक्षरता दर (India overall literacy rate) 77.7 फीसदी है। भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में यह 73.5 फीसदी और शहरी क्षेत्रों में 87.7 फीसदी है।
     

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    HatkeSep 8, 2020, 11:01 AM IST

    आखिर कितने पढ़े-लिखे हैं नरेंद्र मोदी सहित BJP के दिग्गज नेता? कोई सातवीं फेल तो किसी ने मैथ्स में बजाया डंका

    हटके डेस्क: 8 सितंबर को दुनिया वर्ल्ड लिटरेसी डे मना रही है। आज के समय में पढ़ा-लिखा  होना काफी जरुरी है। अगर आपके पास काबिलियत है लेकिन डिग्री नहीं, तो आप शायद इस दुनिया में सर्वाइव मुश्किल से कर पाएं। हम लोग क्रिकेटर्स और बॉलीवुड सेलेब्स की लाइफ तो मजे से पढ़ते हैं, लेकिन क्या ये जानने की कोशिश करते हैं कि जिन नेताओं को हम देश चलाने के लिए चुन रहे हैं, वो कितने काबिल हैं? इस समय भारत में बीजेपी की सरकार है। आज हम बात करेंगे इस पार्टी के कुछ दिग्गज नेताओं के बारे में। जानेंगे कि आखिर जिन्हें हमने अपने फैसले लेने के लिए चुना है, वो खुद कितने पढ़े लिखे हैं? इस लिस्ट में हमनें पीएम नरेंद्र मोदी से लेकर योगी तक को शामिल किया है... 

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    HatkeSep 8, 2020, 10:28 AM IST

    दुनिया के वो देश जहां भारत के स्टूडेंट्स को मिलती है FREE एजुकेशन, कॉलेज वाले नहीं वसूलते 1 भी रुपया

    हटके डेस्क : दुनियाभर से अशिक्षा (illiteracy) को खत्म करने के मकसद से आज 54वां  ‘अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस’(international literacy day) मनाया जा रहा है। लिटरेसी आज दुनिया की सबसे बड़ी जरूरतों में से एक है। इसका सोशल और इकोनॉमिक डेवलपमेंट से गहरा संबंध है। किसी भी देश का विकास तब होता है जब वहां के लोग शिक्षित हो। हर मां - बाप अपने बच्चों को टॉप की एजुकेशन देना चाहते हैं पर महंगाई के इस जमाने में ये मुश्किल होता जा रहा है। तो चलिए आज हम आपको बताते हैं दुनिया की बेहतरीन यूनिवर्सिटीज के बारे में जहां इंडियन स्टूडेंट्स को फ्री एजुकेशन मिलती है।

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    CareersSep 7, 2020, 5:28 PM IST

    अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर विशेष: क्यों शिक्षा के क्षेत्र में पीछे है भारत ? कितना जरूरी है साक्षर होना

    साक्षरता दिवस विशेष: विश्वभर में 8 सितंबर को साक्षरता दिवस मनाया जाता है। हर साल मानव विकास और समाज के लिए उनके अधिकारों को जानने और साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए इसे मनाया जाता है। किसी भी देश काल परिस्थिति में शिक्षा ही वह ऐसी अलक है जिसके माध्यम से समाज देश को जागरूक करके उसे ऊंचाइयों पर ले जाकर विकसित किया जा सकता है। प्रसिद्ध अविष्कारक बेंजामिन फ्रैंकलिन ने कहा है किसी भी देश के लिए सबसे बेहतर निवेश है उसके शिक्षा क्षेत्र में किया गया निवेश होता है।  इसका उद्देश्य व्यक्तिगत, सामुदायिक और सामाजिक रूप से साक्षरता के महत्व पर प्रकाश डालना है। इस तरह के दिवसों के माध्यम से पूरी दुनिया में साक्षरता बढ़ाने के लिए काम किया जाता है। लोगों को संदेश दिया जाता है। आज भी विश्व में हजारों की संख्या में लोग निरक्षर है। इस दिवस को मनाने का मुख्य लक्ष्य विश्व में सभी लोगो को शिक्षित करना है। साक्षरता दिवस का उद्देश्य बच्चे, वयस्क, महिलाओं और बूढ़ों को साक्षर बनाना है। आखिर कैसे साक्षरता को जन जन तक पहुंचाया जाए।  भारत साक्षता में कहां खड़ा है हमने जाना शिक्षाविद डॉ श्रीजी सेठ से।