CoWin को 16 जनवरी को लॉन्च किया गया था। चार महीने के अंदर ही 20 करोड़ रजिस्ट्रेशन हो गए। 1 जुलाई तक इस प्लेटफॉर्म पर 35.4 करोड़ लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है।

नई दिल्ली. भारत में वैक्सीनेशन के लिए बनाए गए CoWin की तारीफ देश में ही नहीं, बल्कि दुनिया में भी हो रही है। केंद्र सरकार CoWin का लाइइसेंस उन देशों को फ्री में दे सकती है, जिन्होंने इसे लेने के लिए इच्छा जताई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक 76 देशों से CoWin के लिए इच्छा जताई है। 

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कोविड -19 वैक्सीन के प्रशासन के लिए एक अधिकार प्राप्त समिति (empowered committee for administration of Covid-19 vaccine) का अध्यक्ष डॉक्टर आरएस शर्मा ने कहा, CoWin की क्षमताओं को दिखाने के लिए सरकार 5 जुलाई को दुनिया भर के हेल्थ एक्सपर्ट्स के साथ वर्चुअल ग्लोबल कॉन्क्लेव करने के लिए तैयार है।

डॉक्टर आरएस शर्मा ने कहा, विदेशों के 196 अधिकारियों और 41 देशों के 116 लोगों ने CoWin पर ग्लोबल कॉन्क्लेव में भाग लेने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार CoWin प्लेटफॉर्म को दूसरे देशों को मुफ्त उपलब्ध कराने की योजना बना रही है।

'बेचने की अनुमति नहीं होगी'
डॉक्टर शर्मा ने कहा, CoWin का इस्तेमाल व्यावसाय के लिए नहीं किया जा सकता है। इसके अलावा किसी और को बेचने के लिए रीपैकेजिंग की अनुमति नहीं दी जाएगी। CoWin दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाला टेक प्लेटफॉर्म है।

'4 महीने में 20 करोड़ रजिस्ट्रेशन'
उन्होंने बताया, CoWin को 16 जनवरी को लॉन्च किया गया था। चार महीने के अंदर ही 20 करोड़ रजिस्ट्रेशन हो गए। 1 जुलाई तक इस प्लेटफॉर्म पर 35.4 करोड़ लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। उन्होंने कहा कि इसे और अपडेट करके पासपोर्ट से जोड़ने की भी योजना बनाई जा रही है, जिससे अंतरराष्ट्रीय यात्रा की जा सके।