नई दिल्ली. देश में कोरोना संक्रमण (coronavirus) की दूसरी लहर (Second wave) तेजी से फैल रही है। वायरस को लेकर एक नया रिसर्च सामने आया है। इस रिसर्च के अनुसार अगर आप एक्टिव नहीं हैं तो आपके संक्रमित होने के ज्यादा चांस हैं। अमेरिका के कैलिफोर्निया की एक स्टडी में दावा किया गया है कि जो लोग फिजिकली एक्टिव (Physically active) नहीं है कोरोना वायरस उनके लिया ज्यादा डेंजरस है। जबकि जो लोग एक्सरसाइज करते हैं उनकी जान को कम खतरा है। हालांकि स्टडी में ये दावा नहीं किया गया है कि जो लोग एक्टिव हैं वो संक्रमित नहीं हो सकते हैं। उनके भी संक्रमित होने के चांस हैं।

किस आधार पर हुई है स्टडी
कैलिफोर्निया में यह डेटा जनवरी से अक्टूबर तक 48 हजार से ज्यादा संक्रमित लोगों के आधार पर किया गया है। यह स्टडी तीन तरह के लोगों पर की गई है। 

  • 1. जो लोग एक वीक (सप्ताह) में 10 मिनट से एक्सरसाइज करते हैं
  • 2. जो लोग एक वीक (सप्ताह) में 10 मिनट से 149 मिनट तक एक्टिव रहते हैं
  • 3 जो लोग एक वीक (सप्ताह) में 150 मिनट से ज्यादा कसरत करते हैं।
     

इन लोगों के लिए ज्यादा घातक
स्टडी के अनुसार कोरोना वायरस उन लोगों को ज्यादा नुकसान पहुंचाता है। जो लोग दिल के रोग, डाइबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर के मरीज हैं। कम सक्रियता (एक्टिव) होने के कारण ये बीमारी उन लोगों के लिए ज्यादा घातक है। स्टडी में अमेरिका के 48 हजार 440 लोग शामिल किए गए। इनमें से 14.4% बीते 2 सालों से किसी फिजिकल एक्टिविटी में शामिल नहीं थे। 79.1% ने थोड़ी-बहुत एक्सरसाइज की और 6.4% हर सप्ताह कम से कम 150 मिनट एक्सरसाइज करते थे।

क्या एक्सरसाइज से कोरोना से बचा जा सकता है
कई रिसर्च के अनुसार एक्सरसाइज से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। प्रतिरोधक क्षमता कोरोना से लड़ने में हेल्प करती है। एक्सरसाइज करने वालों के शरीर में ऑक्सीजन की खपत अधिक होती है। इस कमी को पूरा करने के लिए शरीर जल्दी-जल्दी सांस लेता है और फेफड़ों की कसरत होती है। वह मजबूत होता है। कोरोना से सबसे ज्यादा मौतें फेफड़ों में संक्रमण से हो रही हैं।  

क्या कहता है विश्व स्वास्थ्य संगठन
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, एक स्वस्थ व्यक्ति को हफ्ते में कम से कम 150-300 मिनट तक एक्सकसाइज करना चाहिए।