पीरियड्स पर बदलती सोच को दर्शाता एक वीडियो वायरल है, जिसमें एक परिवार बेटी के पहले पीरियड का जश्न मना रहा है। 69 लाख व्यूज़ वाला यह वीडियो संदेश देता है कि पीरियड्स शर्म नहीं, बल्कि एक सकारात्मक और जश्न मनाने योग्य बदलाव है।

पहले के ज़माने में पीरियड्स एक ऐसी चीज़ थी जिसके बारे में लोग बात करने से हिचकिचाते थे और इसे छिपाते थे। एक वक्त था जब माना जाता था कि इस दौरान महिला 'अशुद्ध' होती है और उसे कई तरह के नियम और छुआछूत का पालन करना पड़ता था। लड़कियों को अपने ही घरों में इसका सामना करना पड़ता था। लेकिन आज हालात ऐसे नहीं हैं। अब तो सोशल मीडिया पर भी पीरियड्स को लेकर खुलकर चर्चा होती है। 

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समाज ने यह महसूस किया है कि पीरियड्स कोई अशुद्धि नहीं, बल्कि एक लड़की की ज़िंदगी का जश्न मनाने वाला पल है। ऐसा ही एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें हम देख सकते हैं कि माता-पिता अपनी बेटी के पहले पीरियड को रीति-रिवाजों के साथ मना रहे हैं। इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए इस वीडियो को अब तक 69 लाख लोग देख चुके हैं। यह वीडियो साफ़ बताता है कि पीरियड्स कोई छिपाने वाली बात नहीं है और इसमें शर्मिंदा होने की कोई ज़रूरत नहीं है। रस्मों के तहत, पहले लड़की के सिर पर दूध डाला जाता है। इसके बाद परिवार के सभी लोग लड़की के शरीर पर हल्दी लगाते हैं।

माना जाता है कि ये रस्में आशीर्वाद और सौभाग्य लाने और एक नए अध्याय की शुरुआत के लिए की जाती हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि रस्मों के तुरंत बाद लड़की को नए कपड़े और गहने पहनाए जाते हैं और उसे मिठाइयां दी जाती हैं। समारोह के दौरान भाई का अपनी बहन के सिर को चूमना और उसे गोद में उठाकर ले जाने का नज़ारा किसी का भी दिल खुश कर देगा। कई लोगों ने कहा कि यह भाई के प्यार से ज़्यादा, नारीत्व के प्रति सम्मान को दिखाता है।

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पहले पीरियड का जश्न मनाने वाले इस परिवार को सोशल मीडिया ने खुशी-खुशी अपनाया है। कई लोगों ने अपनी राय दी कि जहां लोग पीरियड्स के बारे में बात करने से भी हिचकिचाते हैं, वहीं इस तरह के जश्न नई जानकारी देंगे और समाज की सोच में बदलाव लाएंगे, और लोग इसे सकारात्मक रूप से देखेंगे।