इंग्लैंड में 8 साल की एक बच्ची ने पिल्ला न मिलने पर भगवान को खत लिखा। 6 महीने बाद उसे एक अज्ञात जवाब मिला कि भगवान सही समय पर प्रार्थना सुनते हैं। माना जाता है कि यह खत रॉयल मेल के किसी कर्मचारी ने सहानुभूति में भेजा।

कई बच्चे भगवान को खत लिखते हैं। वे ऐसा इसलिए करते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि भगवान उनकी इच्छाएं और प्रार्थनाएं सुनेंगे। लेकिन, सोचिए अगर उस खत का जवाब आ जाए तो? ऐसी ही एक घटना इंग्लैंड के समरसेट में हुई है। भगवान को खत लिखने वाली एक 8 साल की बच्ची को अपने खत का जवाब मिला। बच्ची ने 'गॉड, क्लाउड 9, हेवन' (God, Cloud 9, Heaven) के पते पर खत लिखा था। छह महीने बाद उसे उस खत का जवाब मिला। द न्यूज़ वीक की रिपोर्ट के मुताबिक, बच्ची के माता-पिता का कहना है कि यह एक ऐसा खत था जिसके बारे में यह भी नहीं पता था कि यह किस पोस्ट ऑफिस से आया है या इसे किसने लिखा है।

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बच्ची ने भगवान को खत लिखकर अपनी शिकायत और दुख इसलिए बताया क्योंकि उसके माता-पिता उसे एक और पिल्ला खरीदने की इजाजत नहीं दे रहे थे। रेडिट पर बच्ची के माता-पिता द्वारा शेयर किए गए इस अनुभव ने बहुत ध्यान खींचा। बच्ची के खत का जवाब एक प्रीपेड रॉयल मेल लिफाफे में आया। उसमें लिखा था: "मुझे तुम्हें यह बताने के लिए कहा गया है कि भगवान सभी प्रार्थनाएं सुनते हैं और सही समय पर उनका जवाब देते हैं"। उसकी माँ का कहना है कि खत मिलने पर बेटी बहुत उत्साहित हो गई। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें खत के पीछे का रहस्य बहुत पसंद आया। खत में बच्ची के कुत्तों के प्रति प्यार और दूसरी बातों का जिक्र है। 

लड़की की माँ को लगता है कि यह खत उत्तरी आयरलैंड के रॉयल मेल सॉर्टिंग सेंटर के किसी व्यक्ति ने भेजा होगा। वहां के लोग बच्चों द्वारा 'हेवन' (स्वर्ग), 'सांता क्लॉज' जैसे पतों पर भेजे गए खतों से परिचित हैं। बच्ची की माँ ने उस अनजान व्यक्ति को धन्यवाद दिया जिसने यह खत लिखने का समय निकाला। उन्होंने कहा कि इस डिजिटल दुनिया में ऐसी सहानुभूति दिखाने वाले लोग बहुत कम हैं और सहानुभूति के इन बीजों को यादों में जिंदा रखना जरूरी है।