इस मौके पर गांव के सरपंच अब्दुल राशिद ने कहा, 'शारदा मंदिर के उद्घाटन पर पहुंचे हिंदुओं व सिख पंथ के लोगों को देखकर ऐसा लगा जैसे हम पुराने दौर में पहुंच गए हों।

ट्रेंडिंग डेस्क. जम्मू-कश्मीर के एक गांव से हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की ऐसी तस्वीर सामने आ रही है जो बहुत कम देखने को मिलती है। दरअसल, यहां के कुपवाड़ा जिले के टीटवाल गांव के सरपंच अब्दुल राशिद ने पिछले दिनों गांव में मां शारदा के भव्य मंदिर का उद्घाटन किया है। उन्होंने इस अवसर पर सेव शारदा मूवमेंट का नेतृत्व करने वाले और इस मंदिर निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाले रवींद्र पंडित से भी मुलाकात की।

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मुस्लिमों ने डांस कर किया हिंदू भक्तों का स्वागत

एटीवी (awaaz the voice) की रिपोर्ट के मुताबिक गांव के बीचों-बीच बनाए गए मां शारदा के मंदिर को देखने के लिए जम्मू-कश्मीर के कई जिले और आसपास के गांव से लोग यहां पहुंचे। इस अवसर पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने ढोल पर थिरकते हुए हिंदू भक्तों का स्वागत किया। सेव शारदा मूवमेंट के प्रमुख रवींद्र पंडित ने ट्विटर पर इसका वीडियो भी शेयर किया।

पुराना दौर आया याद

इस मौके पर गांव के सरपंच अब्दुल राशिद ने कहा, ‘शारदा मंदिर के उद्घाटन पर पहुंचे हिंदुओं व सिख पंथ के लोगों को देखकर ऐसा लगा जैसे हम पुराने दौर में पहुंच गए हों। जब सभी लोग यहां एकसाथ यहां रहा करते थे। 1944 तक यहां ज्यादातर गैर मुस्लिम आबादी थी। मंदिर के उद्घाटन अवसर पर हमने बैनर लगाकर श्रद्धालुओं का स्वागत किया, आतिशबाजी की और जमकर डांस भी किया।’

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ध्वस्त किए गए प्राचीन मंदिर की तरह हुआ निर्माण

एटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक टीटवाल में बनाए गए इस मंदिर को शादेई में तोड़ दिए गए 8वीं शताब्दी के प्राचीन मंदिर की तरह ही डिजाइन दिया गया है। पीओके पर स्थित शादेई के इस मंदिर और उससे जुड़े गुरुद्वारे को आग लगाकर ध्वस्त कर दिया गया था। वहीं टीटवाल के लोगों ने उसी प्राचीन मंदिर को फिर से जीवंत करने का प्रयास किया।

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