इस सर्वे के मुताबिक ज्यादातर कंपनियों ने कहा कि इस साल के पहले क्वार्टर से लेकर छह महीनों तक कम छंटनी होगी।

ट्रेंडिंग डेस्क. एक और जहां विदेशों में जमकर छंटनी का दौर चल रहा है तो वहीं देश की प्राइवेट कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए फिलहाल खुशखबरी है। एक सर्वे के मुताबिक साल के पहले क्वार्टर में प्राइवेट नौकरियाें में कम छंटनी होगी और 20 पर्सेंट तक का इंक्रीमेंट लगाया जा सकता है। ये सर्वे किया है नौकरी डॉट कॉम ने। कंपनी द्वारा देश की 1400 से ज्यादा कंपनियों और कंसलटेंट्स पर ये सर्वे किया गया है। 

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आईटी व सीनियर प्रोफेशनल्स पर ज्यादा असर

इस सर्वे के मुताबिक ज्यादातर कंपनियों ने कहा कि इस साल के पहले क्वार्टर से लेकर छह महीनों तक कम छंटनी होगी। हालांकि, इनमें से 4 प्रतिशत ने कहा कि उनकी कंपनियों में छंटनी और वर्कफोर्स को कम करने पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा। सर्वे में आगे कहा गया कि इस वर्ष आईटी जॉब्स और सीनियर कर्मचारियों पर ज्यादा असर पड़ने वाला है। इसके साथ-साथ बिजनेस डेवलपमेंट, ऑपरेशन, मार्केटिंग और एचआर से जुड़ी नौकरियों पर भी असर पड़ेगा।

नई भर्तियों पर नहीं पड़ेगा असर

ये सर्वे दस से भी ज्यादा सेक्टर्स पर किया गया, जिसमें कहा गया कि फ्रेशर्स पर सबसे कम असर होगा। 20 प्रतिशत प्राइवेट कंपनियों ने माना कि जो भी छंटनी होंगी वो सीनियर कर्मचारियों की होंगी। इस वार्षिक सर्वे में यह भी बताया गया कि आधी कंपनियों ने इस बात को माना कि लगभग 15 प्रतिशत कर्मचारी इस वर्ष की शुरुआत में खुद जॉब छोड़कर दूसरी कंपनी या जॉब जॉइन करेंगे। इसका सबसे ज्यादा असर आईटी कंपनियों पर पड़ेगा।

इतना होगा औसत इंक्रीमेंट

इस सर्वे के अंत में बताया गया कि ज्यादातर कंपनियों ने ये माना कि कर्मचारियों को दिया जाने वाला वार्षिक इंक्रीमेंट औसतन 20 प्रतिशत होगा। इसका सीधा मतलब है कि 2023 के पहले क्वार्टर में प्राइवेट कर्मचारियों की सैलरी बढ़ेगी। इसके साथ ही कैंपस ड्राइव भी बढ़ेंगी जिससे फ्रेशर्स को ज्यादा मौके मिलेंगे।

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