क्या आप जानते हैं कि आखिर अप्रैल फूल डे की शुरुआत कहां से हुई? आखिर क्यों लोग इस दिन दूसरों को मूर्ख बनाने लगे।

ट्रेंडिंग डेस्क. 1 अप्रैल को April Fool's Day यानी मूर्ख दिवस पर लोग एक दूसरे को मूर्ख बनाते या प्रैंक करते नजर आते हैं। पर क्या आप जानते हैं कि आखिर अप्रैल फूल डे की शुरुआत कहां से हुई? आखिर क्यों लोग इस दिन दूसरों को मूर्ख बनाने लगे। इसे लेकर दो तरह की कहानियां प्रचलति हैं, आइए जानते हैं इनके बारे में।

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32 मार्च को होनी थी राजा की सगाई

कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जाता है कि अप्रैल फूल की शुरुआत दो कारणों से हुई थी। पहली कहानी के मुताबिक अप्रैल फूल की शुरुआत इंग्लैंड में सन् 1381 में हुई थी। उस दौर में इंग्लैंड के राजा रिचर्ड द्वितीय और बोहेमिया की रानी एनी की सगाई का एलान हुआ। सगाई की तारीख 32 मार्च रखी गई और लोग जश्न मनाने लगे। पर कुछ समय बाद लोगों को एहसास हुआ कि कैलेंडर में तो 32 मार्च कोई तारीख ही नहीं है, 31 मार्च के बाद तो 1 अप्रैल आता है। यहीं से इसे April Fool's Day कहा जाने लगा।

दूसरी कहानी के मुताबिक मूर्ख दिवस की शुरुआत 1686 में ब्रिटेन में हुई। कहते हैं कि ब्रिटेन के बायोग्राफर जॉन औबेरी ने फूल्स हॉलीडे की शुरुआत की थी। इसके बाद 1698 में लंदन में अफवाह फैलाई गई टावर ऑफ लंदन से दुनियाभर के शेरों के अचानक खत्म होने का दृश्य नजर आने वाला है। ये सुनकर हजारों लोट वहां जुट गए पर पता चला कि वो महज एक अफवाह थी। अगले दिन अखबार में छपा कि कैसे 1 अप्रैल को लंदन के हजारों लोगों को मूर्ख बना दिया गया। अप्रैल फूल से जुड़ी ऐसी और भी कहानियां प्रचलित हैं। अगर आप भी आज किसी को अप्रैल फूल बना रहे हैं, तो उसे इसकी पीछे की ये दो कहानियों जरूर बताए।

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