हिजाब विरोध प्रदर्शन करने वाली महिलाओं के प्राइवेट पार्ट, सीने व आंखों में मारी जा रही गोली : रिपोर्ट

| Dec 09 2022, 09:45 PM IST

हिजाब विरोध प्रदर्शन करने वाली महिलाओं के प्राइवेट पार्ट, सीने व आंखों में मारी जा रही गोली : रिपोर्ट
हिजाब विरोध प्रदर्शन करने वाली महिलाओं के प्राइवेट पार्ट, सीने व आंखों में मारी जा रही गोली : रिपोर्ट
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सार

डॉक्टर और नर्सों ने खुलासा किया कि ज्यादातर प्रदर्शनकारी महिलाओं को शॉटगन के छर्रे एक निश्चित स्थान पर लगे थे। इनमें उनके प्राइवेट पार्ट, सीने व आंखों के करीब ज्यादा गोलियां लगीं।

ट्रेंडिंग डेस्क. ईरान में हिजाब विरोधी प्रदर्शन में शामिल होने वाली महिलाओं के प्राइवेट पार्ट्स, सीने व आंखों में पैलेट शॉटगन से गोली मारी जा रही है। ये चौकाने वाला खुलासा ईरान के कुछ चिकित्सकों ने किया है, जाे चुपके से प्रदर्शनकारी महिलाओं की जान बचाने की कोशिश कर रहे हैं। द गार्जियान की रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि ईरान के सुरक्षा बल जानबूझकर महिलाओं के इन अंगों को शॉटगन से निशाना बना रहे हैं।

महिलाओं को निशाना बनाकर चलाई जा रही गोली

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डॉक्टर और नर्सों ने खुलासा किया कि ज्यादातर प्रदर्शनकारी महिलाओं को शॉटगन के छर्रे एक निश्चित स्थान पर लगे थे। इनमें उनके प्राइवेट पार्ट, सीने व आंखों के करीब ज्यादा गोलियां लगीं। वहीं पुरुषों को गोली लगने का पैटर्न महिलओं से काफी अलग था। उन्हें पैर, नितंब और पीट पर छर्रे लगे। इससे ये साफ हो गया कि सुरक्षा बल महिलाओं के इन अंगों को टारगेट बनाकर गोली मार रहे हैं, जिससे इनका जीवन पूरी तरह बर्बाद हो जाए।

बर्डशॉट पैलेट गन का हो रहा इस्तेमाल

बता दें कि सुरक्षा बल बर्डशॉट पैलेट का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिन्हें करीब से मारने पर गंभीर चोटें लगती हैं और ज्यादा खून बहने से जान भी जा सकती है। डॉक्टर्स ने आरोप लगाया है कि सुरक्षा बल दंगा नियंत्रण नीति का उल्लंघन कर रहे हैं। इस नीति के तहत ऐसे प्रदर्शन, हिंसा या दंगे रोकने के लिए लोगों के पैरों पर बर्डशॉट पैलेट या उसी तरह की गोली चलाई जा सकती है। लेकिन सुरक्षा बल प्रदर्शनकारियों के काफी करीब आकर उन्हें कहीं भी गोली मार रहे हैं।

महसा आमिनी की मौत के बाद उग्र हुआ प्रदर्शन

बता दें कि ईरान में हिजाब के विरोध में काफी समय से विरोध चल रहा था पर इस साल 16 सितंबर को 22 वर्षीय महसा आमिनी (Mahsa Amini) की मौत के बाद इस प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया। दरसअल, महसा आमिनी ने हिजाब विरोध में अपने बाल कटवा लिए थे और बिना हिजाब के चलती थीं। इसके बाद ईरान पुलिस ने महसा को गिरफ्तार कर भयानक प्रताड़ना दी, जिसके बाद उसकी पुलिस कस्टडी में मौत हो गई। हालांकि, पुलिस ने इस मौत को हार्ट अटैक बता दिया था।

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