रिपोर्ट्स के मुताबिक नील का गूगल को लेकर नॉलेज और स्ट्रेटजी सबसे अनोखी है। गूगल उन्हें किसी भी हाल में नहीं खोना चाहता।

ट्रेंडिंग डेस्क. आपने किसी को लाख दो लाख का बोनस मिलने की बात सुनी होगी पर बोनस में 544 करोड़ रु मिलना हैरान करने वाली बात है पर ये बिलकुल सच है। यूट्यूब (Youtube) के नए सीईओ नील मोहन को 2013 में बोनस के तौर पर 544 करोड़ रु दिए जा चुके हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में…

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भारतीय मूल के हैं यूट्यूब के नए सीईओ

बता दें कि मोहन 9 साल तक यूट्यूब के सीईओ रहे सुसान वोजिकी की जगह ले रहे हैं। मोहन भारतीय-मूल के हैं और अमेरिका में रहते हैं। वे पिछले 8 साल से यूट्यूब के चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर के पद पर कार्यरत थे। यूट्यूब में शामिल होने के बाद नील मोहन वोजिकी के बाद सबसे सीनियर थे। नील के पास Accenture, माइक्रोसॉफ्ट, Double Click Inc में भी काम करने का अनुभव है। माइक्रोसॉफ्ट व डबल क्लिक में वे तीन-तीन साल रहे हैं।

इतनी थी पहली सैलरी

नील ने जब अपनी पहली जॉब शुरू की थी तब उनकी सैलरी महज 3 हजार डॉलर (तकरीबन 2.5 लाख रु) थी। अमेरिका के सैलरी स्टेंडर्ड के लिहाज से ये सैलरी औसत थी। 2008 में वे गूगल से जुड़े और यहां से उनकी किस्मत चमकनी शुरू हुई। गूगल में उन्होंने डिस्प्ले व एड कैटेगरी के लिए बतौर सीनियर वाइस प्रेसीडेंट काम किया। इसके बाद वे यूट्यूब के चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर बने।

क्यों मिल रहा इतना पैसा?

रिपोर्ट्स के मुताबिक नील का गूगल को लेकर नॉलेज और स्ट्रेटजी सबसे अनोखी है। गूगल उन्हें किसी भी हाल में नहीं खोना चाहता। एक बार ट्विटर ने नील मोहन को चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर की जॉब ऑफर की थी, उन्हें अच्छा खासा सैलरी हाइक दिया जा रहा था पर नील ने ट्विटर जॉइन नहीं किया, क्योंकि गूगल ने उन्हें रोकने के लिए 10 करोड़ डॉलर के शेयर दे दिए थे।

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