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केबीसी में पहुंची अक्षय कुमार की एक्ट्रेस नहीं दे पाई कुंभ से जुड़ा जवाब, छूट गए पसीने

तापसी इस सवाल का जवाब नहीं दे पाईं, जिससे फैंस निराश हो गए। एक्ट्रेस के इस वाकये से सोनाक्षी सिन्हा की सभी को याद आ गई। दरअसल, वो भी एक करमवीर एपिसोड में महिला कंटेस्टेंट का साथ देने आई थीं।

Amitabh bachchan KBC 11 Taapsee pannu confused on Question of Kumbh Mela here is that one Question
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Mumbai, First Published Nov 16, 2019, 1:58 PM IST
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मुंबई. शुक्रवार को सोनी टीवी पर टेलिकास्ट हुए 'केबीसी 11' के करमवीर  एपिसोड में तापसी पन्नू ने कंटेस्टेंट डॉ अच्युत का साथ देने पहुंची। उड़ीसा के डॉ अच्युत शुक्रवार को अमिताभ बच्चन के सामने हॉट सीट पर बैठे और उन्होंने 12.50 लाख की रकम जीतकर गर वापसी की। लेकिन शो के शुरुआत में 10 हजार के कुंभ से जुड़े सवाल में तापसी पन्नू फंस गईं और उन्हें लाइफलाइन का सहारा लेना पड़ा। 

बिग बी ने पूछा था ये सवाल 

दरअसल, बिग बी ने 10 हजार के सवाल पर तापसी और डॉ अच्युत सामंत से 'कुंभ मेला' से जुड़ा सवाल किया था। तापसी ने इसके लिए ऑडियंस पोल की मदद ली। वो सवाल कुछ इस तरह से था...
सवाल: कुंभ मेला में कुंभ का शाब्दिक अर्थ क्या है?
A.घड़ा B.मंथन C.जल D.अमृत
जवाब: घड़ा। 

तापसी इस सवाल का जवाब नहीं दे पाईं, जिससे फैंस निराश हो गए। एक्ट्रेस के इस वाकये से सोनाक्षी सिन्हा की सभी को याद आ गई। दरअसल, वो भी एक करमवीर एपिसोड में महिला कंटेस्टेंट का साथ देने आई थीं। इस दौरान उनसे रामायण से जुड़ा सवाल किया था, जिसका जवाब उन्हें नहीं पता था और उन्हें लाइफलाइन का सहारा लेना पड़ा था। इसके बाद एक्ट्रेस को सोशल मीडिया यूजर्स ने आड़े हाथों लिया था और सोशल मीडिया पर खूब ट्रोल किया था।  

डॉ अच्युत उड़िसा में आदिवासी लोगों के लिए करते हैं काम 

बता दें, डॉ अच्युत सामंत ने आने के बाद अपनी आपबीती सुनाई थी। इस बीच उन्होंने बिग बी के साथ किस्सा शेयर किया कि उनके पिता के गुजर जाने के बाद परिवार की क्या स्थिति हो गई थी और बड़ी मुसीबतों के साथ उन्होंने अपनी पढ़ाई की थी। कंटेस्टेंट की बात सुनकर अमिताभ भी थोड़े भावुक नजर आते हैं। ऐसा पहली बार नहीं था कि बिग बी कंटेस्टेंट की बातें सुनकर भावुक हुए हों। वो पहले भी कई बार इमोशनल हो चुके हैं। डॉ अच्युत ने उड़िसा में आदिवासी संस्था कलिंग इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेस की स्थापना की थी। डॉ अच्युत ने बताया, 'पांच हजार रुपये में संस्था की शुरुआत की थी। मैंने कभी नहीं सोचा था कि आज यहां 60 हजार बच्चे पढ़ेंगे। 20 हजार बच्चे यहां से पढ़ के निकल चुके हैं और उच्च शिक्षा लेकर नौकरी कर रहे हैं।' डॉ अच्युत की बातें सुनकर अमिताभ उनकी तारीफें करते नहीं थके।'

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