चंपत राय ने कहा कि देश के पांच बड़े इंजीनियरिंग संस्थान, भवन निर्माण और भू-गर्भ के अध्ययन से जुड़ी संस्थाओं के वैज्ञानिकों ने मंदिर की नींव और धरती के नीचे का अध्ययन किया है। नींव के लिए कार्य प्रारंभ हो गया है।

अयोध्या (Uttar Pradesh) । श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कार्यकर्ता घर-घर जा रहे हैं। विश्व हिंदू परिषद द्वारा जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है, जो 15 फरवरी से शुरू हो चुका है। यह अभियान 27 फरवरी तक चलेगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि अब तक कितना दान मिल चुका है, इसका कोई सटीक डेटा अभी तक नहीं मिला है। लेकिन, कार्यकर्ताओं की रिपोर्ट के आधार पर अब तक 100 करोड़ रुपए दान मिलने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि 39 महीने में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बनकर तैयार हो जाएगा। 

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नींव के लिए काम हो गया है प्रारंभ
चंपत राय ने कहा कि देश के पांच बड़े इंजीनियरिंग संस्थान, भवन निर्माण और भू-गर्भ के अध्ययन से जुड़ी संस्थाओं के वैज्ञानिकों ने मंदिर की नींव और धरती के नीचे का अध्ययन किया है। नींव के लिए कार्य प्रारंभ हो गया है।

राष्ट्रपति के दान पर सवाल खड़े करने वाले पढ़े इतिहास
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट को 5 लाख 100 रुपए दान दिया था। जिसे लेकर सोशल मीडिया पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। वहीं, इसे लेकर ट्रस्ट महासचिव चंपत राय ने कहा कि जो लोग राष्ट्रपति द्वारा समर्पण राशि दिए जाने पर आपत्ति उठा रहे हैं, उन्हें याद करना चाहिए कि देश के प्रधानमंत्री के विरोध के बावजूद राष्ट्रपति राजेंद्र बाबू सोमनाथ मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा के समय गए थे। ऐसा पहले भी हो चुका जब राष्ट्रपति धार्मिक कार्यक्रम में गए हैं। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी एक भारतीय हैं और भारत की आत्मा में राम हैं। जो कोई सक्षम है, वह इस नेक काम में मदद कर सकता है। इसमें कुछ भी गलत नहीं है।