अगले साल बैंड-बाजा-बरात के लिए 78 लगन-मुहूर्त मिल रहे हैं। इनमें सर्वाधिक 19 मई में तो नवंबर में सिर्फ दो होंगे।

लखनऊ (उत्तर प्रदेश) । भगवान सूर्य 17 दिसंबर की रात 12.37 बजे वृश्चिक से धनु राशि पर जा रहे हैं। इस कारण खरमास लग जाएगा और विवाह समेत अन्य मांगलिक कार्य बंद हो जाएंगे। अगले साल 15 जनवरी की सुबह 8.24 बजे सूर्य का धनु से मकर राशि पर संचरण होगा और मकर संक्रांति मनाई जाएगी। इसके साथ मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे। हालांकि 15 जनवरी से मांगलिक कार्यों के दौर शुरू होंगे। अगले साल बैंड-बाजा-बरात के लिए 78 लगन-मुहूर्त मिल रहे हैं।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

मई और नवंबर में सर्वाधिक मुहूर्त
अगले साल बैंड-बाजा-बरात के लिए 78 लगन-मुहूर्त मिल रहे हैं। इनमें सर्वाधिक 19 मई में तो नवंबर में सिर्फ दो होंगे। ख्यात ज्योतिषाचार्यों के अनुसार हिंदी के 12 महीनों में दो बार खरमास आते हैं। पहला 15-16 दिसंबर से 13-14 जनवरी तो दूसरा 13-14 मार्च से 13-14 अप्रैल तक। खरमास में शादी-विवाह सहित सभी शुभ कार्य वर्जित बताए गए हैं।

 -जनवरी (नौ) : 15 से 21 तक, 29 व 30
-फरवरी (17): 3 से 5 तक, 9, 10, 11, 13, 14, 16 से 20 तक, 25 से 27 तक व 29

-मार्च (आठ) : 1, 2, 7 से 9 तथा 11 से 13 तक

-अप्रैल (पांच) : 14, 15, 25 से 27 व 30

-मई (19) : 1 से 13 तक, 17 से 19 तक, 23-24 व 28

-जून (नौ) : 13, 14, 15, 25, 26 से 30 तक