लखनऊ (Uttar Pradesh) । लॉकडाउन के दौरान प्रवासी श्रमिकों का घर वापसी जारी है। इसके लिए सरकार श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलवा रही है। लेकिन, 48 घंटे में उत्तर प्रदेश और बिहार जाने वाली अलग-अलग श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में 9 लोगों की मौत हो गई। इसमें सबसे ज्यादा दिल को दहला देने वाली एक घटना में बिहार में हुई। जहां रेलवे प्लेटफॉर्म पर एक बच्चा अपनी मृत मां को जगाने का प्रयास कर रहा था, जिसका वीडियो राजद नेता तेजस्वी यादव के करीबी संजय यादव ने ट्वीट किया है।

मां की मौत से बेखबर था बेटा
बिहार के एक प्लेटफार्म से एक वीडियो वायरल हुआ है। इसे राजद नेता तेजस्वी यादव के करीबी संजय यादव ने ट्वीट किया है। वीडियो में मां की मौत से बेखबर बच्चा उनके पास जाने की कोशिश कर रहा था। महिला की पहचान उरेश खातून (35) के तौर पर की गई है। वीडियो में दिखा है कि महिला का शव प्लेटफॉर्म पर पड़ा हुआ था और इस दौरान ट्रेनों के आने-जाने की भी घोषणा हो रही है।

 

साढ़े चार साल के बेटे की मौत, दूध खोजता रहा पिता
मुजफ्फरपुर से ही एक प्रवासी मजदूर के साढ़े चार वर्षीय बेटे की मौत की भी खबर है, जबकि उसका पिता अपने बच्चे के लिए दूध की तलाश में भटक रहा था। इसी तरह बिहार के दानापुर में 70 वर्षीय वशिष्ठ महतो का शव मुंबई-दरभंगा ट्रेन से उतारा गया। उन्हें दिल की बीमारी थी। बताया जा रहा है कि उनकी मौत मैहर और सतना के बीच हो गई थी।

कानपुर में दे प्रवासी श्रमिक मृत मिले
कानपुर में झांसी-गोरखपुर ट्रेन में दो प्रवासी श्रमिक मृत मिले। एक की पहचान राम अवध चौहान (45) के तौर पर हुई, जबकि दूसरे श्रमिक की पहचान नहीं हो पाई। मध्य प्रदेश में वापी-दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन ट्रेन में बहराइच के निवासी शेख सलीम का शव मिला।

स्टेशन में मृत पाए गए दो प्रवासी श्रमिक
वाराणसी रेलवे स्टेशन पर एक ट्रेन में दो प्रवासी श्रमिक मृत पाए गए। उत्तर-पूर्वी रेलवे के प्रवक्ता अशोक कुमार ने बताया कि ट्रेन मुंबई में लोकमान्य तिलक टर्मिनस से वाराणसी में मंडुआडीह स्टेशन पहुंची थी। उनमें से एक की पहचान जौनपुर निवासी दशरथ प्रजापति (30) के तौर पर हुई। वह दिव्यांग थे और मुंबई में किडनी संबंधी परेशानी का उन्होंने उपचार कराया था।