रात में महिला ने नवजात को जन्म दिया। बच्चे की विचित्र काया देखकर अस्पताल का स्टॉफ घबरा गया और बाहर आकर  जानकारी दी। बच्चे के चार पैर, चार हाथ और दो प्राइवेट पार्ट थे, जबकि विकृत एक सिर था। 

औरैया (Uttar Pradesh)।  फफूंद थाना क्षेत्र के फूटा ताल गांव में एक महिला ने विचित्र बच्चे को जन्म दिया है। जिसके चार पैर, चार हाथ तथा दो प्राइवेट पार्ट और एक विचित्र सिर है। अंधविश्वास के चलते कुछ ग्रामीणों ने पुष्प आदि अर्पित करके उसकी पूजा-अर्चना शुरू कर दी। हालांकि दस मिनट के अंदर बच्चे की मौत हो गई। 

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बच्चा देख डर गया अस्पताल का स्टॉफ
भूरे दिवाकर की पत्नी अलका गर्भवती थी। एक दिन पहले उसे प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। भूरे ने उसे गांव के पास ही एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। रात में अलका ने नवजात को जन्म दिया। बच्चे की विचित्र काया देखकर अस्पताल का स्टॉफ घबरा गया और बाहर आकर भूरे को जानकारी दी। बच्चे के चार पैर, चार हाथ और दो प्राइवेट पार्ट थे, जबकि विकृत एक सिर था।

अंधविश्वास में शुरू कर दिया पूजन
भूरे मृत बच्चे को लेकर गांव पहुंचा तो ग्रामीणों को जानकारी हुई। विकृत काया वाला बालक ग्रामीणों के बीच कौतूहल का विषय बन गया। कुछ महिलाओं और ग्रामीणों ने अंधविश्वास में आकर फूल चढ़ाने शुरू कर दिए और अगरबत्ती जलाकर पूजन किया। 

पति ने कही ये बातें
दिवाकर ने बताया कि उसकी पत्नी के अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में बच्चे को पूर्णतया स्वस्थ बताया गया था। इसके बाद उन्होंने बच्चे के पैदा होने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन जब बच्चा पैदा हुआ तो उसे देखकर वे दंग रह गए, फिलहाल जन्म के कुछ ही देर बाद बच्चे की मौत हो गई।

चिकित्सकों ने बताया क्यों हुआ ऐसा
ग्रामीण इसे कुदरत का करिश्मा बता रहे हैं, वहीं, बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टरों ने बताया कि बायोलजिकल डिसऑर्डर की वजह से ऐसे बच्चों का जन्म होता है। संभव है कि महिला के गर्भ में जुड़वा बच्चे पल रहे हों और उनका पूर्ण विकास नहीं पाया हो। इसलिए एक शरीर में चार हाथ, चार पैर और दो प्राइवेट पार्ट बन गए हों। पहले भी अक्सर इस तरह के बच्चों का जन्म हुआ है। अक्सर दो बच्चे आपस में जुड़े हुए भी पैदा हुए हैं। पूर्ण विकास न हो पाने की वजह से जन्म लेते ही नवजात की मौत संभव है।

बच्चे को देखने वालों का तांता
सुबह विचित्र बच्चे के जन्म की बात आसपास के गांवों तक पहुंची तो उसे देखने के लिए लोगों को तांता लग गया। दोपहर तक बच्चे को देखने के लिए लोगों की भीड़ लगी रही। ग्रामीणों ने बताया कि भूरे दिवाकर की दो पुत्रियां और एक पुत्र पहले से है।