Asianet News HindiAsianet News Hindi

पिता ने बिलखते हुए लगाई मदद की गुहार, कहा- मेरे बेटे को बचा लो

जिंदगी और मौत से जंग लड़ रहा 18 वर्षीय स्टेट एथलीट चैम्पियन। पैसे के आभाव में इलाज नहीं है सम्भव। घातक बीमारी के चलते 1 वर्ष से दिल्ली के मैक्स हॉस्पिटल में भर्ती।

a father weeps for help in front of administration to save his son from a rare disease
Author
Etawah, First Published Aug 8, 2019, 11:06 AM IST
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp

इटावा: उत्तरप्रदेश के जसवंतनगर तहसील का रहने वाला स्टेट एथलीट चैंपियन अंश यादव, दिल्ली के मैक्स अस्पताल में अपनी जिंदगी को बचाने के लिए मौत से लड़ रहा है। जी बी सिंड्रोम नामक घातक बीमारी ने अंश को अपनी जकड़ में ले लिया था। 

 उत्तर प्रदेश स्टेट एथलीट चैंपियन अंश यादव वेंटिलेटर पर इस समय अपनी जिंदगी की सांसें गिन रहा है। उसके इलाज के लिए अंश के पिता आज तक एक करोड़ रुपए खर्च कर चुके हैं। इतने इलाज के बाद भी अंश के ठीक होने के कोई आसार नजर नहीं आते हैं। योगी सरकार ने भी अंश के इलाज के लिए  2,50,0000 रुपए 3 किस्तों में मदद के लिए दिए हैं। जनपद के एनजीओ चलाने वाले लोगों ने भी अंश के इलाज के लिए दिल्ली में ओपन एनजीओ चलाने वालों से कई लाख रुपए जमा करके अंश के परिवार को दिए है। सोशल मिडीया पर भी अंश के इलाज के लिए कैम्पेन चल रहा है जिससे उसकी जिंदगी बचाई जा सके । 
 
 मीडिया और प्रशासन से लगाई मदद की गुहार 

पैसे की जंग बड़े बड़े योद्धाओं को धराशयी कर देती है। अंश के इलाज में अब तक 1 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। आने वाले समय में भी इलाज के लिए और भी बड़ी रकम चाहिए होगी। जिसको देखते हुए अंश के पिता उसको दिल्ली के अस्पताल में अन्य परिजनों के पास छोड़कर, यहां शासन से मदद की गुहार लगाने आए हैं। अंश के पिता इटावा डीएम से मिले जहां उन्होंने सरकार से गुहार लगाते हुए उनके बच्चे की मदद करने के लिए कहा है। मामले पर जनपद के जिला अधिकारी जेबी सिंह ने बताया कि, यह लाइलाज बीमारी है। इनकी मदद के लिए पहले भी सरकार द्वारा 25 लाख रुपए की रकम दी जा चुकी है, लेकिन अभी इलाज के लिए पैसों की और आवश्यकता है जिसके लिए हमने शासन को पत्र लिखा है। 

Follow Us:
Download App:
  • android
  • ios